रांची में JPSC-JSSC विवाद पर सियासत तेज, CM आवास के बाहर धरना; बाबूलाल मरांडी हिरासत में

रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा मार्च का आह्वान किया, जिसके बीच विपक्षी दलों ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार पर दबाव बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
छात्रों की मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से रांची में प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई नेताओं को हिरासत में लिया।
CBI जांच की मांग पर अड़ा विपक्ष
हिरासत में लिए जाने के बाद बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, लेकिन सरकार मामले से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने JPSC, JSSC और CGL से जुड़े मामलों की CBI से जांच कराने की मांग की।
मरांडी ने कहा कि पिछले 14-15 दिनों से छात्र स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके मुताबिक, इसके बावजूद सरकार की ओर से मामले के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बीजेपी का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होने से ही छात्रों का भरोसा बहाल किया जा सकता है।
विधानसभा मार्च के बीच सुरक्षा बढ़ाई गई
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विधानसभा के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
छात्र आंदोलन के राजनीतिक रूप लेने के बाद राज्य सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। विपक्ष जहां परीक्षा संबंधी मामलों की CBI जांच की मांग कर रहा है, वहीं छात्र अपने आंदोलन और मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।



