Follow Us on Our Social Media
National

‘मोदी जी की जान ज्ञानेश कुमार में है’, राहुल गांधी ने हाथ में तोता लेकर किया प्रदर्शन, INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग को घेरा

दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के दौरान राहुल गांधी हाथ में तोता लेकर पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा, ‘राजा की जान तोते में थी और मोदी जी की जान ज्ञानेश कुमार में है।’ विपक्षी दलों ने SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा। वहीं, बीजेपी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर में विरोध मार्च निकाला।

देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सियासी घमासान देखने को मिला। एक तरफ INDIA गठबंधन के नेता ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ रामलीला मैदान में जुटे, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। दोनों दलों के कार्यक्रमों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज रहा। इस दौरान राहुल गांधी का हाथ में तोता लेकर किया गया प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया।

राहुल गांधी ने हाथ में तोता लेकर साधा निशाना

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाथ में एक तोता लेकर प्रतीकात्मक अंदाज में केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘राजा की जान तोते में थी और मोदी जी की जान ज्ञानेश कुमार में है।’

राहुल गांधी के इस बयान को विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए जा रहे सवालों से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक निकला मार्च

रैली से पहले राहुल गांधी ने दोपहर करीब 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से ‘चलो दिल्ली’ मार्च की शुरुआत की। इस मार्च में INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला समेत कई विपक्षी नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया।

मार्च के रामलीला मैदान पहुंचने के बाद वहां बड़ी रैली आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी और गठबंधन के अन्य दलों के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। अलग-अलग राज्यों से पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लिए हुए थे। इन बैनरों पर कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के नाम भी लिखे गए थे।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने रैली को लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्षी दलों की एकजुटता का प्रदर्शन बताया। गठबंधन के नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर देशभर में चर्चा होनी चाहिए।

SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा

INDIA गठबंधन की रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR रहा। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों के लिए चिंता का विषय है।

विपक्ष ने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर जवाब देने की मांग की। रैली के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार करता रहा है। ऐसे में SIR और वोट चोरी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है।

बीजेपी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर निकाला मार्च

INDIA गठबंधन की रैली के बीच बीजेपी ने भी दिल्ली में कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी की ओर से पश्चिमी दिल्ली के सिख बहुल इलाके हरि नगर से विरोध मार्च निकाला गया। बीजेपी नेताओं ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की।

बीजेपी नेताओं ने कहा कि 1 नवंबर को इस तरह की राजनीतिक रैली आयोजित करने के समय पर भी सवाल उठते हैं। पार्टी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह एक संवेदनशील दिन को राजनीतिक कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल कर रही है।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी INDIA गठबंधन के मार्च को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। इस तरह दिल्ली में एक ही दिन दो अलग-अलग राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने नजर आईं।

रैली को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

INDIA गठबंधन की रैली और बीजेपी के विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। राजधानी के मध्य हिस्से में कई हजार पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया। रैली स्थल और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी गई।

मिंटो रोड, कनॉट प्लेस और रामलीला मैदान के आसपास यातायात पर भी असर पड़ा। दिल्ली पुलिस ने लोगों को प्रभावित रास्तों से बचने और अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी थी।

चुनाव आयोग को लेकर बढ़ी सियासी तकरार

दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इस रैली ने एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका, SIR और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। INDIA गठबंधन जहां कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है, वहीं बीजेपी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाकर कांग्रेस को घेरा है।

राहुल गांधी का हाथ में तोता लेकर दिया गया बयान इस राजनीतिक टकराव का सबसे चर्चित हिस्सा रहा। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों और आरोपों पर आगे क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है। फिलहाल दिल्ली की इस रैली ने एक बार फिर देश की राजनीति में चुनावी पारदर्शिता और पुराने राजनीतिक विवादों को केंद्र में ला दिया है।

Follow Us on Our Social Media

Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button