इंस्टाग्राम पर अल्ट्राटेक सीमेंट का विज्ञापन देखना पड़ा महंगा, क्लिक करते ही आया फोन; कारोबारी को 4.13 लाख की चपत

अंबिकापुर: सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों पर आंख बंद करके भरोसा करना कितना महंगा पड़ सकता है, इसका एक मामला छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से सामने आया है। यहां एक कारोबारी को इंस्टाग्राम पर अल्ट्राटेक सीमेंट का विज्ञापन देखकर सीमेंट खरीदना भारी पड़ गया। विज्ञापन पर क्लिक करते ही खुद को कंपनी का सेल्स मैनेजर बताने वाले एक व्यक्ति का फोन आया। उसने 1400 बोरी सीमेंट सप्लाई करने का भरोसा दिलाया और कारोबारी से 4 लाख 13 हजार रुपये अपने बताए बैंक खाते में जमा करा लिए। लेकिन रकम मिलने के बाद न सीमेंट पहुंचा और न ही कथित सेल्स मैनेजर ने फोन उठाया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंस्टाग्राम विज्ञापन के जरिए कारोबारी को बनाया निशाना
मामला अंबिकापुर के रिंग रोड प्रतापपुर नाका निवासी कारोबारी सुभय पाण्डेय से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, सुभय पाण्डेय सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण का व्यवसाय करते हैं। वह अपनी फर्म मां श्यामा ट्रेडर्स के माध्यम से सीमेंट खरीदना चाहते थे।
इसी सिलसिले में उन्होंने 2 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी का एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में सीमेंट खरीदने से संबंधित विकल्प दिया गया था। कारोबारी ने जैसे ही उस विकल्प पर क्लिक किया, उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आ गया।
फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना परिचय कल्पेश सिन्हा, सेल्स मैनेजर के रूप में दिया। उसने कारोबारी से उनके व्यवसाय और सीमेंट की जरूरत के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान उसने कंपनी के नाम पर सीमेंट सप्लाई करने का भरोसा दिलाया।
1400 बोरी सीमेंट का दिया ऑर्डर
कथित सेल्स मैनेजर से बातचीत के बाद कारोबारी ने 1400 बोरी सीमेंट का ऑर्डर दिया। आरोपी ने सीमेंट की कीमत 295 रुपये प्रति बोरी बताई। इस हिसाब से पूरे ऑर्डर की कुल रकम 4 लाख 13 हजार रुपये तय हुई।
इसके बाद आरोपी ने कारोबारी को अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा की मुंबई स्थित अंधेरी ईस्ट शाखा का बैंक खाता नंबर और IFSC कोड भेजा। खाते का नाम संजीव कुमार बताया गया।
कारोबारी को लगा कि वह कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि से बात कर रहे हैं। इसी भरोसे में उन्होंने आरोपी के बताए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।
RTGS से जमा किए 4.13 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार, कारोबारी ने 7 अक्टूबर को 1400 बोरी सीमेंट की कीमत के रूप में 4 लाख 13 हजार रुपये RTGS के माध्यम से जमा किए। इसके लिए उन्होंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपने खाते से चेक के जरिए रकम ट्रांसफर कराई।
रकम जमा करने के बाद कारोबारी को उम्मीद थी कि जल्द ही सीमेंट की खेप उनके पास पहुंच जाएगी। लेकिन भुगतान के बाद भी कई दिन बीत गए और सीमेंट की सप्लाई नहीं हुई।
न सीमेंट पहुंचा, न फोन का मिला जवाब
7 अक्टूबर को भुगतान करने के बाद कारोबारी लगातार सीमेंट की डिलीवरी का इंतजार करते रहे। जब काफी समय तक माल नहीं पहुंचा, तो उन्होंने कथित सेल्स मैनेजर के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की।
लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। बार-बार फोन करने के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद कारोबारी को संदेह हुआ कि सीमेंट सप्लाई के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।
जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने पूरे मामले की शिकायत अंबिकापुर कोतवाली थाने में दर्ज कराई।
कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित की शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते और पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित सेल्स मैनेजर कौन है और जिस बैंक खाते में रकम जमा कराई गई, उसका इस ठगी से क्या संबंध है।
ऑनलाइन विज्ञापन देखकर भुगतान करने से पहले बरतें सावधानी
यह मामला सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी को लेकर भी सावधान करता है। किसी बड़ी कंपनी के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके फर्जी विज्ञापन या संपर्क नंबर के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा सकता है।
ऐसे में किसी भी कंपनी से सामान खरीदने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत विक्रेता से संपर्क करना जरूरी है। भुगतान करने से पहले बैंक खाते का नाम और कंपनी की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें। केवल सोशल मीडिया पर दिखे विज्ञापन या फोन पर मिले भरोसे के आधार पर बड़ी रकम ट्रांसफर करने से बचें।
फिलहाल अंबिकापुर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अब देखना होगा कि कारोबारी से 4 लाख 13 हजार रुपये की ठगी करने वाले व्यक्ति तक पुलिस कब पहुंच पाती है।



