रायपुर का क्रिकेट स्टेडियम NGT के रडार पर
पानी की बर्बादी को लेकर खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट(Cricket) स्टेडियम अब पर्यावरण से जुड़े एक अहम मामले को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की निगरानी में आ गया है। मैदान के रखरखाव में पानी के उपयोग और जल संरक्षण के उपायों को लेकर उठे सवालों के बीच एनजीटी ने रायपुर के इस स्टेडियम सहित मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्टेडियम और जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है। अब इन स्टेडियमों में किसी भी मैच या बड़े आयोजन को लेकर अगली सुनवाई तक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार रहेगा।
जल संरक्षण व्यवस्था पर NGT ने जताई नाराजगी
मामला क्रिकेट(Cricket) मैदानों में पानी के उपयोग और उसके संरक्षण से जुड़ा है। देश के कई राज्यों में जल संकट की स्थिति को देखते हुए एनजीटी ने यह जानना चाहा था कि बड़े स्टेडियम पानी बचाने के लिए कौन-कौन से उपाय अपना रहे हैं। इसी सिलसिले में अधिकरण ने संबंधित स्टेडियमों से विस्तृत रिपोर्ट और जवाब मांगा था, लेकिन रायपुर समेत तीन स्टेडियमों की ओर से निर्धारित समय में कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रीसाइक्लिंग पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, एनजीटी का मानना है कि खेल मैदानों की हरियाली बनाए रखने के लिए बड़ी मात्रा में भूजल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि इसके साथ वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) और पानी के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) जैसी व्यवस्थाएं प्रभावी नहीं हैं, तो इससे जल संरक्षण के प्रयास प्रभावित होते हैं। यही कारण है कि अधिकरण ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है।
अदालत के समक्ष यह भी मुद्दा रखा गया कि देश के कई हिस्सों में गर्मी के मौसम में पेयजल की कमी बनी रहती है। ऐसे समय में बड़े खेल परिसरों में लाखों लीटर पानी का उपयोग किस तरह किया जा रहा है और उसे बचाने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं, इसकी समीक्षा आवश्यक है। इसी आधार पर सभी संबंधित स्टेडियमों से तथ्यात्मक जानकारी मांगी गई थी।
अप्रैल में मांगी गई थी सभी स्टेडियमों से रिपोर्ट
बताया गया है कि अप्रैल महीने में कुल छह प्रमुख क्रिकेट(Cricket) स्टेडियमों को नोटिस जारी कर जल संरक्षण से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई थी। इनमें दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम, लखनऊ का इकाना स्टेडियम, कटक का बाराबती स्टेडियम, रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम, मुंबई का डी.वाई. पाटिल स्टेडियम और जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम शामिल थे।
दिल्ली और लखनऊ ने रखा पक्ष, तीन स्टेडियम पीछे रहे
इनमें से दिल्ली और लखनऊ के स्टेडियमों ने अधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रख दिया है, जबकि कटक स्थित बाराबती स्टेडियम ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। दूसरी ओर रायपुर, मुंबई और जयपुर के स्टेडियमों की ओर से समय पर जवाब नहीं दिए जाने को एनजीटी ने गंभीरता से लिया है। इसी के बाद इन तीनों स्टेडियमों में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी किया गया।
17 अगस्त को होगी मामले की अगली सुनवाई
अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। उस दिन संबंधित स्टेडियमों को अपनी जल संरक्षण व्यवस्था, भूजल उपयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और पानी के पुनर्चक्रण से जुड़े इंतजामों की जानकारी अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई और अंतरिम रोक हटाने या जारी रखने पर फैसला लिया जाएगा।
फिलहाल रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट(Cricket) स्टेडियम में भविष्य में होने वाले क्रिकेट मैचों और अन्य बड़े आयोजनों पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब और जल संरक्षण के पर्याप्त इंतजाम प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो स्टेडियम को आगे भी एनजीटी के निर्देशों का सामना करना पड़ सकता है। अब खेल जगत की नजर 17 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस मामले की दिशा तय होगी।

