केंद्रीय जेल में महिला बंदी की संदिग्ध मौत

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित केंद्रीय जेल जगदलपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ विचाराधीन एक महिला बंदी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा और कैदियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान जयमती बघेल के रूप में हुई है, जो दरभा थाना क्षेत्र के चितापुर गांव की रहने वाली थी। जयमती पिछले कुछ समय से जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद थी। रविवार तड़के जेल के बैरक में उसकी लाश फंदे से लटकती पाई गई। बताया जा रहा है कि जयमती ने अपनी ही चुन्नी का इस्तेमाल कर फांसी लगाई है।
सुबह जब अन्य बंदियों और जेल प्रहरियों ने जयमती के शव को देखा, तो जेल परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया। पुलिस महकमे के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जेल प्रशासन का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला है, लेकिन जेल जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में, जहाँ चौबीसों घंटे प्रहरियों की तैनाती रहती है, वहां एक बंदी फांसी कैसे लगा सकती है? यह एक बड़ा अनुत्तरित प्रश्न है।
परिजनों के आरोप और जांच की मांग
घटना की सूचना मिलते ही जयमती के गांव चितापुर में मातम पसर गया है। परिजनों ने इस मौत पर संदेह व्यक्त किया है। उनका सवाल है कि:
बैरक में अन्य महिला बंदियों की मौजूदगी के बावजूद किसी को भनक क्यों नहीं लगी?
जेल के सुरक्षा गार्ड उस वक्त कहाँ थे?
क्या जयमती किसी मानसिक दबाव में थी या इसके पीछे कोई और कारण है?
न्यायिक जांच के आदेश
जेल में हुई मौत के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत, इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराई जाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और समय का खुलासा हो पाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब जेलों के भीतर इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। जगदलपुर केंद्रीय जेल में हुई इस घटना ने निम्नलिखित बिंदुओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं:
निगरानी में चूक: क्या रात के समय प्रहरियों ने गश्त नहीं की?
सीसीटीवी फुटेज: क्या बैरक या उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरे चालू थे?
बंदी की मानसिक स्थिति: क्या जेल प्रबंधन ने बंदी की मानसिक स्थिति का आकलन किया था?

