रथ यात्रा में ‘अनचाहा मेहमान’! बिजली के तार पर लटका 8 फीट का अजगर
मेले में मची अफरा-तफरी

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा मेले के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मेले के पास बिजली के तार पर करीब 8 फीट लंबा अजगर लटका दिखाई दिया। अजगर को देखते ही श्रद्धालुओं और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। मेले में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका भी बढ़ गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित तरीके से अजगर का रेस्क्यू किया।
बिजली के तार पर लटका दिखा अजगर, देखते ही जुट गई भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि बिजली के तार पर आखिर लटका क्या है। लेकिन जब लोगों ने ध्यान से देखा तो पता चला कि वह एक विशाल अजगर है। देखते ही देखते यह खबर पूरे मेले में फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा, पहले खाली कराया इलाका
सूचना मिलते ही कोरबा वन मंडल की अधिकृत रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम प्रभारी जितेंद्र सारथी के नेतृत्व में राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, साहिल और बॉबी ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सबसे पहले टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर अजगर के आसपास मौजूद भीड़ को हटाया और लोगों से शांत रहने की अपील की, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया अजगर
रेस्क्यू टीम ने विशेष उपकरणों और तकनीकी कौशल की मदद से करीब आधे घंटे की मेहनत के बाद अजगर को बिजली के तार से सुरक्षित नीचे उतार लिया। पूरे रेस्क्यू अभियान के दौरान मेले में मौजूद लोगों की निगाहें टीम पर टिकी रहीं। राहत की बात यह रही कि इस दौरान न तो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा और न ही अजगर घायल हुआ।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ा गया
रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने अजगर का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे कोरबा के निकट स्थित उसके प्राकृतिक वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी सांप, अजगर या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम सुरक्षित तरीके से उसे उसके प्राकृतिक आवास तक पहुंचा सके।

