बालोद में जल संरक्षण का अनोखा अभियान: 29 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पत्र लिखकर दिया जल बचाने का संदेश

बालोद जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ‘जल संचय-जनभागीदारी 2.0’ और ‘कैच द रैन 2026’ अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। अभियान के अंतर्गत जिले के पांचों विकासखंडों के 1048 विद्यालयों में एक साथ पत्र लेखन गतिविधि का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों विद्यार्थियों ने भाग लेकर जल संरक्षण का संदेश दिया।
इस अभियान के तहत लगभग 29,367 विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों, मित्रों और आम नागरिकों को पत्र लिखकर जल की महत्ता, उसके संरक्षण, सदुपयोग और पुनः उपयोग के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों ने अपने पत्रों के माध्यम से लोगों से वर्षा जल का अधिकतम संचयन करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल बचाने की अपील की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अलावा 2,105 शिक्षक, 1,471 पालक, 1,053 शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, 1,351 जनप्रतिनिधि तथा 2,150 आम नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस प्रकार कुल 37,497 लोगों ने जल संरक्षण अभियान से जुड़कर इसे जनभागीदारी का स्वरूप दिया।
जिला प्रशासन ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा के जल को व्यर्थ बहने से रोककर उसका अधिकतम संचयन करना है। इसके साथ ही लोगों में जल संकट के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जल संरक्षण की आदत विकसित करना भी इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।
अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने “जहां वर्षा हो, जब वर्षा हो, वहीं जल संचयन” के संदेश को अपनाने का संकल्प लिया। प्रशासन का मानना है कि सामूहिक प्रयासों और जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण को प्रभावी जन आंदोलन बनाया जा सकता है, जिससे भविष्य में संभावित जल संकट से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।

