International

होर्मुज संकट का हल सीरिया में क्यों तलाश रहे ट्रंप? अमेरिका बना रहा नया एनर्जी कॉरिडोर

ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर कथित हमलों के बाद अमेरिका अब सीरिया को नए ऊर्जा कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यदि खाड़ी देशों का तेल और गैस सीरिया के रास्ते सीधे यूरोप पहुंचाई जाए, तो होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम हो सकती है।

ट्रंप ने सीरिया को दिया बड़ा कूटनीतिक संदेश

नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की। इसके बाद ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका सीरिया को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों की सूची से हटाएगा। इससे पहले भी सीरिया पर लगे कई प्रतिबंध हटाए जा चुके हैं।

इस फैसले के बाद अमेरिकी कंपनियों के लिए सीरिया में तेल, गैस, बिजली और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश का रास्ता खुल गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कंपनियां सीरिया के विकास और पुनर्निर्माण में निवेश करने के लिए तैयार हैं।

होर्मुज को बायपास करने की योजना

सीरिया की भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। भूमध्य सागर से लगे उसके बंदरगाह और खाड़ी देशों के निकट होने के कारण अमेरिका की योजना है कि सऊदी अरब, कतर जैसे देशों का तेल और गैस पाइपलाइन के जरिए सीरिया के बनियास और लताकिया बंदरगाहों तक पहुंचाया जाए। वहां से जहाज सीधे यूरोप के लिए रवाना हो सकेंगे।

अगर यह योजना सफल होती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम होगी और ईरान की उस रणनीतिक बढ़त को भी झटका लग सकता है, जिसका इस्तेमाल वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने के लिए करता रहा है।

सीरिया बन सकता है नया ऊर्जा केंद्र

सीरिया के पास करीब 2.5 अरब बैरल प्रमाणित तेल भंडार है। कुछ अनुमानों के अनुसार तटीय क्षेत्रों को मिलाकर यह भंडार 27 अरब बैरल तक हो सकता है।

अमेरिकी कंपनी शेवरॉन ने सीरिया की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी के साथ देश के पहले ऑफशोर तेल एवं गैस क्षेत्र के विकास के लिए समझौता किया है। वहीं, उत्तर-पूर्वी सीरिया में तेल खोज के लिए एक सऊदी-अमेरिकी समूह भी काम कर रहा है।

रास्ते की बड़ी चुनौतियां

हालांकि यह योजना आसान नहीं है और इसके सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं।

  • सीरिया में अब भी आतंकी संगठनों की गतिविधियां जारी हैं।
  • वर्षों के प्रतिबंधों के कारण वहां की बैंकिंग व्यवस्था कमजोर है।
  • रूस की सैन्य और व्यावसायिक मौजूदगी सीरिया में अब भी मजबूत बनी हुई है।
  • खाड़ी देश अपने तेल निर्यात मार्गों पर किसी अन्य देश का अधिक नियंत्रण नहीं चाहते।
  • इजराइल, ईरान और तुर्किये के बीच जारी क्षेत्रीय तनाव भी इस परियोजना के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

फिलहाल अमेरिका की यह रणनीति होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक अहम प्रयास मानी जा रही है। हालांकि, इसे सफल बनाने के लिए सुरक्षा, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग जैसी कई चुनौतियों से पार पाना होगा।

Follow Us on Our Social Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button