रायपुर एयरपोर्ट ने विकास के 12 साल में रचा नया इतिहास,
सुविधाओं और उड़ानों में दोगुनी बढ़ोतरी

रायपुर। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर ने बीते 12 वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हुए मध्य भारत के प्रमुख हवाई अड्डों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। यात्री सेवा दिवस के अवसर पर एयरपोर्ट डायरेक्टर योगेश नगाइच ने मीडिया से चर्चा करते हुए एयरपोर्ट की उपलब्धियों, यात्री सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच एयरपोर्ट पर सुविधाओं, उड़ानों और यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रतिदिन 60 से अधिक उड़ानों का संचालन
रायपुर एयरपोर्ट से अब देश के प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं। वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे और अहमदाबाद समेत कई महानगरों के लिए प्रतिदिन 60 से अधिक उड़ानें संचालित की जा रही हैं। बढ़ती कनेक्टिविटी ने न केवल यात्रियों को सुविधा प्रदान की है, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास को भी गति दी है।
यात्रियों को मिल रही विश्वस्तरीय सुविधाएं
एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक लाउंज, सुगम चेक-इन व्यवस्था, चाइल्ड केयर रूम, डिजी यात्रा सुविधा और निःशुल्क वाई-फाई जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। तकनीकी दृष्टि से भी एयरपोर्ट काफी उन्नत हो चुका है। यहां 3250 मीटर लंबा रनवे, अत्याधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) प्रणाली और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध है, जिससे एयरबस ए-321 जैसे बड़े विमानों का संचालन भी संभव हो पाया है।
यात्री सेवा दिवस पर होगा विशेष स्वागत
सोमवार को आयोजित होने वाले ‘यात्री सेवा दिवस’ के अवसर पर एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों का तिलक लगाकर और गुलाब का फूल भेंट कर स्वागत किया जाएगा। एयरपोर्ट प्रबंधन का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना और उनसे संवाद स्थापित करना है।
कार्गो हब के रूप में भी उभर रहा रायपुर एयरपोर्ट
रायपुर एयरपोर्ट अब केवल यात्री परिवहन का केंद्र नहीं रह गया है, बल्कि एक महत्वपूर्ण कार्गो हब के रूप में भी विकसित हो रहा है। यहां से फार्मास्यूटिकल उत्पाद, ई-कॉमर्स सामग्री तथा छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों जैसे हल्दी, चावल, कोदो-कुटकी और हर्बल उत्पादों का परिवहन और निर्यात किया जा रहा है। इससे राज्य के व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों को नई संभावनाएं मिल रही हैं।
सीएसआर गतिविधियों में भी निभा रहा अहम भूमिका
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। हाल ही में माना कैंप क्षेत्र में लगभग 1.73 करोड़ रुपये की लागत से एक नए वृद्धाश्रम का निर्माण किया गया है, जिसमें 96 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्कूलों में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार, वृक्षारोपण अभियान और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से भी स्थानीय समुदाय की मदद की जा रही है।
रिकॉर्ड यात्री संख्या ने लिखी सफलता की नई कहानी
रायपुर एयरपोर्ट की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा यात्री संख्या से लगाया जा सकता है। वर्ष 2024 में करीब 25 लाख यात्रियों ने इस एयरपोर्ट से सफर किया था, जबकि वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 27 लाख से अधिक पहुंच गया है। यह वृद्धि एयरपोर्ट पर यात्रियों के बढ़ते विश्वास और बेहतर सेवाओं का प्रमाण मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की दिशा में बढ़ रहे कदम
एयरपोर्ट प्रबंधन अब भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की दिशा में भी प्रयास कर रहा है। यदि यह योजना साकार होती है, तो छत्तीसगढ़ के लोगों को सीधे विदेशों के लिए हवाई सेवा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई दिशा मिलेगी।
रायपुर एयरपोर्ट का यह सफर केवल बुनियादी ढांचे के विस्तार की कहानी नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की बढ़ती आर्थिक क्षमता, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी का भी प्रतीक बनकर उभरा है।

