मुंबई में रहना कितना महंगा? इन्वेस्टमेंट बैंकर ने बताया 1.3 लाख रुपये का मासिक खर्च

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रहने की बढ़ती लागत एक बार फिर चर्चा में है। वर्ली इलाके में रहने वाले एक इन्वेस्टमेंट बैंकर ने सोशल मीडिया पर अपने मासिक खर्चों का ब्योरा साझा किया है, जिसके अनुसार उनके बुनियादी खर्च हर महीने करीब 1.3 लाख रुपये तक पहुंच जाते हैं। खास बात यह है कि इस बजट में छुट्टियों या घूमने-फिरने का खर्च शामिल नहीं है।
बैंकर के अनुसार, उनका सबसे बड़ा खर्च 60 हजार रुपये मासिक किराया है। उन्होंने बताया कि वह अपने कार्यालय से महज पांच मिनट की दूरी पर रहते हैं, क्योंकि लंबे कामकाजी घंटों के बीच समय बचाना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने घरेलू मदद पर लगभग 5 हजार रुपये प्रति माह खर्च होने की जानकारी दी। उनका कहना है कि सप्ताह में 80 घंटे तक काम करने के कारण घर के कामों के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है।
यातायात के लिए वह निजी वाहन के बजाय टैक्सी और कैब सेवाओं का उपयोग करते हैं, जिस पर करीब 10 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च होते हैं। वहीं देर रात तक काम करने के कारण बाहर से खाना मंगाने पर लगभग 15 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं।
इसके अलावा किराना और बिजली पर 12 हजार रुपये, दोस्तों के साथ सामाजिक गतिविधियों पर 10 हजार रुपये और परिवार से मिलने दिल्ली आने-जाने की उड़ानों पर करीब 12 हजार रुपये मासिक खर्च होते हैं।
इन सभी खर्चों को जोड़ने पर उनका मासिक बजट लगभग 1.3 लाख रुपये पहुंच जाता है। बैंकर ने कहा कि इस राशि में छुट्टियों या मनोरंजन संबंधी कोई अतिरिक्त खर्च शामिल नहीं है।
उन्होंने मुंबई और दिल्ली की तुलना करते हुए कहा कि समान जीवनशैली बनाए रखने के लिए मुंबई में रहने का खर्च दिल्ली की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक है। उनका कहना है कि अच्छी सैलरी के बावजूद मुंबई में रहने की लागत आय का बड़ा हिस्सा खर्च करवा देती है।

