सोना-चांदी के दामों में भारी गिरावट, 12 महीने के निचले स्तर पर पहुंची कीमतें

कमोडिटी बाजार में शुक्रवार रात अचानक तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक संकेतों के दबाव के कारण दोनों कीमती धातुएं पिछले 12 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गईं। चांदी की कीमत में 10 हजार रुपये से अधिक की गिरावट आई, जबकि सोना भी करीब 4200 रुपये तक सस्ता हो गया।
रात में अचानक बढ़ी बिकवाली
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर शुक्रवार रात करीब 8 बजे अचानक बिकवाली तेज हो गई। दिसंबर फ्यूचर वाली चांदी करीब 5 फीसदी टूट गई और इसमें लगभग 10 हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद चांदी का भाव करीब 1.79 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं सोने की कीमत में भी करीब 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोना लगभग 4200 रुपये टूटकर 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। दोनों कीमती धातुओं में आई यह गिरावट पिछले एक साल के दौरान सबसे बड़ी गिरावटों में शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर पड़ा सोना
भारतीय बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3.3 फीसदी से अधिक गिरकर करीब 3880 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया। यह पिछले साल अक्टूबर के बाद सोने का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है।
विदेशी बाजार में चांदी भी 5 फीसदी से अधिक टूटकर करीब 49 से 49.70 डॉलर प्रति औंस के दायरे में पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर टूटने के बाद कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
24, 22 और 18 कैरेट सोने के नए भाव
सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव करीब 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.28 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
18 कैरेट सोने का भाव गिरकर लगभग 1.05 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। दूसरी ओर, 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत करीब 1,81,344 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई है।
क्यों अचानक गिरे सोना-चांदी के दाम?
बाजार जानकारों के अनुसार, कीमतों में आई तेज गिरावट के पीछे बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। अमेरिकी जीडीपी के बेहतर आंकड़े, लगातार बनी महंगाई, मजबूत डॉलर और बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ने सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ाया।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऊंची ब्याज दरों की संभावना के बीच निवेशकों ने सोने और चांदी से निवेश निकालकर अन्य विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।



