दिल्ली में INDIA गठबंधन की महारैली से व्यापार प्रभावित होने की आशंका, CTI ने राहुल गांधी को लिखा चौथा पत्र

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को चौथा पत्र लिखकर रैली के कारण राजधानी के बाजारों और कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता जताई है। संगठन ने दावा किया है कि रैली के चलते रामलीला मैदान के आसपास के कई बाजारों में बड़ी संख्या में दुकानें बंद रह सकती हैं और दिवाली के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है।
करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रहने का दावा
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली के बाजारों में खरीदारी कर व्यापारियों की मदद करने की अपील की है। संगठन ने इस अपील का स्वागत किया, लेकिन दावा किया कि रैली को लेकर फैले डर और संभावित यातायात प्रतिबंधों के कारण रामलीला मैदान के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित करीब तीन लाख दुकानों में से लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रह सकती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में दुकानें बंद रहती हैं तो रैली में आने वाले लोगों के लिए बाजारों में खरीदारी करना भी मुश्किल होगा। CTI ने यह भी कहा कि व्यापारी किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं और उनकी चिंता केवल दिवाली के पीक सीजन में कारोबार को लेकर है।
20 से अधिक प्रमुख बाजारों पर असर की आशंका
संगठन के अनुसार, रामलीला मैदान के आसपास कश्मीरी गेट, मोरी गेट, जनपथ, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, खारी बावली, नया बाजार, सदर बाजार, अजमेरी गेट, दरियागंज, पहाड़गंज, कमला मार्केट, जामा मस्जिद, भागीरथ पैलेस, लाजपत राय मार्केट, किनारी बाजार, दरीबा कलां, बल्लीमारान, फतेहपुरी, तिलक बाजार, कनॉट प्लेस, पालिका बाजार और गफ्फार मार्केट जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र आते हैं।
CTI का दावा है कि इन बाजारों में बड़ी संख्या में दुकानें हैं और रैली के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है। संगठन ने आशंका जताई कि मध्य और सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में जाम की स्थिति बन सकती है।
ट्रांसपोर्ट और माल की आवाजाही पर भी संकट
CTI ने कहा कि रामलीला मैदान के आसपास करीब 10 किलोमीटर के दायरे में ट्रांसपोर्ट व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इससे लोडिंग-अनलोडिंग और माल की आवाजाही बाधित होने की आशंका है। संगठन के मुताबिक नरेला, बवाना, ओखला, मायापुरी, मुंडका और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से रोजाना हजारों वाहन दिल्ली के बाजारों तक सामान पहुंचाते हैं।
संगठन ने दावा किया कि यातायात प्रभावित होने से धनतेरस और दिवाली के लिए तैयार किया गया सामान दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। दिल्ली के आसपास के शहरों से खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों की संख्या में भी कमी आने की आशंका जताई गई है।
दिवाली के कारोबार को लेकर व्यापारियों की चिंता
CTI ने कहा कि धनतेरस और दिवाली से पहले का समय व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। संगठन के अनुसार, यदि बाजार बंद रहे और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था प्रभावित हुई तो रोजाना होने वाले हजारों करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
व्यापारी संगठन ने राहुल गांधी से अपील की है कि रैली के दौरान प्रमुख बाजारों तक पहुंचने वाले रास्तों और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने पर ध्यान दिया जाए, ताकि रैली के साथ-साथ दिवाली के कारोबार पर भी अनावश्यक असर न पड़े। संगठन ने कहा कि वह रैली का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि व्यापार और बाजारों की सामान्य गतिविधियां बनाए रखने की मांग कर रहा है।



