केंद्रीय मंत्री तोखन साहू 2 नवंबर से स्पेन दौरे पर, स्मार्ट सिटी एक्सपो में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
बार्सिलोना में इंडिया पवेलियन का करेंगे उद्घाटन, मैड्रिड में शहरी पुनर्विकास और स्मार्ट मोबिलिटी परियोजनाओं का करेंगे अध्ययन

नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर के सांसद तोखन साहू 2 से 6 नवंबर 2026 तक स्पेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बार्सिलोना और मैड्रिड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दौरे का उद्देश्य भारत के आवास और शहरी विकास से जुड़े अनुभवों को वैश्विक मंच पर साझा करना, आधुनिक शहरी विकास की बेहतर प्रक्रियाओं का अध्ययन करना और भारत-स्पेन के बीच सहयोग की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
स्मार्ट सिटी एक्सपो में करेंगे इंडिया पवेलियन का उद्घाटन
तोखन साहू 3 नवंबर को बार्सिलोना में आयोजित ‘स्मार्ट सिटी एक्सपो वर्ल्ड कांग्रेस 2026’ में शामिल होंगे और इंडिया पवेलियन का उद्घाटन करेंगे। उनके नेतृत्व में भारत के विभिन्न राज्यों के 20 वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी इस आयोजन में हिस्सा लेगा। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ IAS अधिकारी सोनमणि बोरा भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।
सम्मेलन में तोखन साहू ‘हाउसिंग फॉर ऑल: बिल्डिंग इन्क्लूसिव एंड सस्टेनेबल फ्यूचर्स’ विषय पर आयोजित सत्र में भारत के आवास क्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए किफायती और समावेशी आवास उपलब्ध कराने, बड़े पैमाने पर घरों के निर्माण, नवाचार आधारित वित्तीय व्यवस्था और जनभागीदारी जैसे विषय शामिल होंगे।
वे इसी दिन ‘रीक्लेमिंग पब्लिक स्पेस: रीजेनरेशन, गवर्नेंस एंड एवरीडे लाइफ’ विषय पर आयोजित सत्र में भी भाग लेंगे।
बार्सिलोना में आवास नीति और स्मार्ट सिटी मॉडल का करेंगे अध्ययन
बार्सिलोना प्रवास के दौरान तोखन साहू कैटेलोनिया की आवास एवं पारिस्थितिक संक्रमण मंत्री सिल्विया पानेके सहित संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में आवास नीति, शहरी नियोजन, सार्वजनिक आवास, भूमि विकास, परिवहन और नागरिक सुविधाओं पर चर्चा होगी।
वे बार्सिलोना के 22@ इनोवेशन डिस्ट्रिक्ट सहित शहरी पुनर्विकास और आधुनिक शहरी प्रबंधन से जुड़ी पहलों का भी अध्ययन करेंगे।
मैड्रिड में शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं का करेंगे अवलोकन
4 से 6 नवंबर तक तोखन साहू मैड्रिड में रहेंगे। यहां वे मैड्रिड रियो परियोजना, मैड्रिड न्यूवो नॉर्टे शहरी पुनर्विकास एवं ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) परियोजना और प्लाजा डी एस्पान्या के मोबिलिटी हब का अवलोकन करेंगे।
इसके अलावा स्पेन के आवास एवं शहरी एजेंडा मंत्रालय तथा आवास, निर्माण और शहरी अधोसंरचना से जुड़ी संस्थाओं और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इनमें निवेश, तकनीकी सहयोग, टिकाऊ निर्माण, सार्वजनिक परिवहन और शहरी अधोसंरचना के विकास पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
भारत-स्पेन के बीच शहरी विकास सहयोग को मिलेगी नई दिशा
भारत और स्पेन के बीच वर्ष 1956 से राजनयिक संबंध हैं। वर्ष 2026 दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ है। इस अवसर पर दोनों देश संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वैध वर्ष के रूप में मना रहे हैं।
अक्टूबर 2024 में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की भारत यात्रा और फरवरी 2026 में उनकी दोबारा हुई यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय वार्ताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी। जनवरी 2025 में सतत शहरी विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए थे।
ऐसे में तोखन साहू का यह दौरा आवास और शहरी विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को व्यावहारिक दिशा देने का अवसर माना जा रहा है।
भारत और स्पेन दोनों के सामने किफायती आवास, टिकाऊ शहरीकरण और आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार जैसी चुनौतियां हैं। भारत प्रधानमंत्री आवास योजना के अनुभव साझा कर सकता है, जबकि स्पेन के शहरी पुनर्विकास, सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्रों, आधुनिक नगर नियोजन और तकनीक आधारित शहरी प्रबंधन से भारत को सीखने का अवसर मिलेगा।
विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को मिलेगी वैश्विक साझेदारी की मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आवास, शहरी अधोसंरचना, डिजिटल तकनीक, स्वच्छता और सतत विकास के क्षेत्रों में अपने अनुभव वैश्विक मंच पर साझा कर रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने का प्रयास ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को दर्शाता है।
भारत और स्पेन के बीच रक्षा विनिर्माण, व्यापार, निवेश, रेलवे, प्रौद्योगिकी और सतत शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं बढ़ रही हैं। तोखन साहू का यह दौरा इसी साझेदारी को आवास और शहरी विकास के क्षेत्र में और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
दोनों देशों के बीच तकनीकी और ज्ञान का आदान-प्रदान, निवेश, निर्माण क्षेत्र में साझेदारी और रोजगार सृजन की नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। इससे नागरिक सुविधाओं के विस्तार और जीवन स्तर में सुधार के प्रयासों को भी गति मिलने की उम्मीद है।



