दिल्ली रैली में भीड़ जुटाने कांग्रेस का खास प्लान: नेताओं को 100-100 समर्थक लाने का टारगेट, छत्तीसगढ़ समेत 3 राज्यों के कलाकारों ने दी प्रस्तुति
तेलंगाना के नेताओं को विधानसभा क्षेत्र से समर्थक लाने की जिम्मेदारी; महाराष्ट्र से 500 महिला कार्यकर्ता पहुंचीं, वसंत कुंज के होटलों में ठहराए गए कार्यकर्ता

दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली में जुटी भीड़ के पीछे कांग्रेस (Congress) की कई दिनों की तैयारी थी। पार्टी ने रैली में ज्यादा से ज्यादा समर्थकों को शामिल कराने के लिए राज्य इकाइयों और नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं।
तेलंगाना में प्रदेश स्तर के नेताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र से 100-100 समर्थक दिल्ली लाने का लक्ष्य दिया गया था। वहीं महाराष्ट्र से करीब 500 महिला कार्यकर्ता रैली में शामिल होने पहुंचीं। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के कलाकारों ने भी अपनी पारंपरिक और जनजातीय संस्कृति की प्रस्तुतियां दीं।
रैली का आयोजन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के तहत किया गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटने के आंकड़े और प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोप राजनीतिक दावे हैं।
नेताओं को 100-100 समर्थक लाने की जिम्मेदारी
कांग्रेस (Congress) ने रैली के लिए 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए पार्टी ने सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी थी।
तेलंगाना कांग्रेस के एक पदाधिकारी के मुताबिक, प्रदेश स्तर के नेताओं से कहा गया था कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से करीब 100 समर्थक दिल्ली लेकर आएं। INDIA गठबंधन के दूसरे दलों को भी भीड़ जुटाने और आयोजन की जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने भी रैली के लिए 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया था।
छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने भी दिखाई संस्कृति
रैली में भीड़ जुटाने के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी तैयारी की गई थी। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के कलाकारों के समूहों को इसमें शामिल किया गया। इन कलाकारों ने दिल्ली पहुंचने से पहले करीब एक सप्ताह तक अभ्यास किया।
वे अपने राज्यों की पारंपरिक और जनजातीय संस्कृति को दर्शाने वाली वेशभूषा भी साथ लेकर पहुंचे थे। छत्तीसगढ़ से कलाकारों का समूह लेकर पहुंचे राम नारायण सिंह राठिया के मुताबिक, पार्टी पदाधिकारियों ने कलाकारों का चयन किया था। इन प्रस्तुतियों के जरिए रैली में क्षेत्रीय संस्कृति की झलक दिखाई गई।
महाराष्ट्र से 500 महिला कार्यकर्ता पहुंचीं
महाराष्ट्र के चंद्रपुर से भी बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचीं। चंद्रपुर शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष चंदा वरगड़े के मुताबिक, उनके क्षेत्र से करीब 500 महिलाएं ट्रेन से दिल्ली आईं। यह समूह 30 अक्टूबर को ही राजधानी पहुंच गया था। महिलाओं को एकजुट कर रैली में शामिल कराने के लिए करीब दो सप्ताह से तैयारी चल रही थी। उन्होंने बताया कि कई महिलाओं के लिए दिल्ली की यह पहली यात्रा थी।
19 से ज्यादा दलों के नेताओं ने निकाला मार्च
रविवार को INDIA गठबंधन की रैली से पहले कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक करीब 1.3 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया। यह मार्च मिंटो रोड और कमला मार्केट से होकर गुजरा। दोपहर करीब 12:45 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में 19 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, RJD नेता तेजस्वी यादव, NCP (SP) की सुप्रिया सुले और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत कई नेता राजस्थान से मंगाई गई खुली बसों में सवार हुए। करीब डेढ़ घंटे तक नेताओं का काफिला समर्थकों के साथ मध्य दिल्ली की सड़कों से गुजरा। दोपहर करीब 2:30 बजे यह रामलीला मैदान पहुंचा।
SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध था। INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान देशभर (Congress) की मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की श्रेणी में दर्ज नाम शामिल हैं। विपक्षी दलों ने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम भी हटाए गए हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग की ओर से इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की सफाई और दोहराव या अपात्र नाम हटाने की कवायद बताया गया है। आयोग का कहना है कि गलत तरीके से नाम हटने पर मतदाता दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं।
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इस रैली में कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों ने एक मंच पर आकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगें रखीं। समर्थकों को जुटाने के लिए राज्यों में बनाई गई रणनीति, कार्यकर्ताओं के ठहरने की व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी इस आयोजन का हिस्सा रही।



