केतन हत्याकांड: सिया और चेतन 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग नहीं

पुणे। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ( Ketan Murder Case) में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुणे की अदालत ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने दोनों की हिरासत बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज करते हुए 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पुलिस ने अदालत से कहा कि जांच के दौरान दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से सांकेतिक भाषा, निकनेम और इमोजी में हुई बातचीत मिली है। इन चैट्स का सही अर्थ समझने और डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि के लिए दोनों से आमने-सामने पूछताछ जरूरी है। हालांकि अदालत ने पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की।
मामले की जांच कर रही पुणे ग्रामीण पुलिस ( Ketan Murder Case) ने इस चरण में आरोपियों का पॉलीग्राफ परीक्षण कराने पर जोर नहीं दिया। पुलिस का कहना है कि उनके पास हत्या साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। वहीं, घटनास्थल पर मौजूद कुछ अहम गवाह भी सामने आए हैं, जिनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने उस स्थान का भी पंचनामा किया, जहां सिया ने कथित तौर पर मुंबई जाते समय केतन का पासपोर्ट फेंका था। इसके अलावा उस जगह की भी जांच की गई, जहां दोनों आरोपियों ने कथित रूप से हत्या की रिहर्सल की थी। पुलिस ने सिया का एक और मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
गौरतलब है कि 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी पर 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल ( Ketan Murder Case) को चट्टान से धक्का देकर हत्या करने का आरोप है। केतन और सिया की शादी इसी वर्ष नवंबर में होने वाली थी। पुलिस का दावा है कि डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य फोरेंसिक रिपोर्ट इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

