डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर व्याख्यानमाला आयोजित
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छात्र सम्मेलन को किया संबोधित

बिलासपुर | बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में रविवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी(Mukherjee) की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित व्याख्यानमाला एवं छात्र सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने उन्हें राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता का महान प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज भी युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
डॉ. मुखर्जी के जीवन और योगदान को बताया प्रेरणास्रोत
अरुण साव ने कहा कि राजनीतिक कारणों से लंबे समय तक डॉ. मुखर्जी(Mukherjee) के योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला, जबकि उन्होंने देशहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने विभाजन के दौरान पीड़ित परिवारों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और संयुक्त बंगाल के प्रस्ताव का विरोध कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अनुच्छेद 370 हटाने का किया उल्लेख
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी(Mukherjee) ने अनुच्छेद 370 और कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था का विरोध करते हुए “एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू करने के फैसले, डॉ. मुखर्जी के विचारों और उनके संघर्ष को सच्ची श्रद्धांजलि हैं।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
उन्होंने नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को भी डॉ. मुखर्जी की दूरदर्शी सोच से जोड़ते हुए कहा कि आज देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसकी मजबूत नींव ऐसे महान राष्ट्रनायकों ने रखी थी। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रप्रेम, त्याग और समर्पण की भावना से प्रेरणा लेकर देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

