स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों की कमी
साइंस टीचर पढ़ा रहे आर्ट्स तो हिंदी शिक्षक संभाल रहे अंग्रेजी की क्लास

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। भर्ती प्रक्रिया अटकने की वजह से प्रदेशभर के कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कई स्कूलों में विषय से अलग शिक्षक पढ़ाने को मजबूर हैं। कहीं हिंदी माध्यम के शिक्षक अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं तो कहीं साइंस के शिक्षक आर्ट्स की कक्षाएं ले रहे हैं। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
भर्ती अटकी, छात्रों पर बढ़ा असर
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कई जिलों में भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई स्कूलों में एक-एक शिक्षक को रोजाना 6-6 पीरियड लेने पड़ रहे हैं, ताकि कोई कक्षा खाली न रहे। ऐसे में शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार भी बढ़ गया है।
14 जुलाई तक भर्ती का था दावा, अब तक नहीं हुई शुरुआत
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पहले भर्ती प्रक्रिया रद्द कर केंद्रीकृत भर्ती कराने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि 14 जुलाई तक नई भर्ती पूरी कर ली जाएगी, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे स्कूलों में पहले से मौजूद शिक्षकों पर दबाव और बढ़ गया है।
प्रदेश में 50 हजार पद खाली, भर्ती का इंतजार
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में शिक्षक, सहायक शिक्षक और व्याख्याता के करीब 50 हजार पद रिक्त हैं। सरकार ने हाल ही में 5 हजार पदों पर भर्ती और अक्टूबर में परीक्षा कराने की बात कही थी, लेकिन अब तक न आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई है और न ही भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हुआ है।
राजधानी के स्कूलों में भी गंभीर स्थिति
पीएमश्री हरिहर शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, गोबरा-नवापारा के प्राचार्य दानी फाखरा ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की कमी के कारण हिंदी माध्यम के शिक्षक ही अंग्रेजी के छात्रों को पढ़ा रहे हैं। इतना ही नहीं, योग शिक्षक भी कक्षाएं लेने के लिए मजबूर हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
वहीं, कांशीराम शर्मा शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, भनपुरी की प्राचार्य अभिलाषा इंदवार के मुताबिक स्कूल में हिंदी माध्यम के आर्ट्स विषय का एक भी शिक्षक नहीं है। ऐसे में साइंस के शिक्षक आर्ट्स की कक्षाएं ले रहे हैं। स्कूल में फिलहाल 13 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि 11 पद अभी भी खाली हैं।
विभाग बोला– टेंडर प्रक्रिया जारी, जल्द होगी भर्ती
लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक अशोक बंजारा ने बताया कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में सीधी भर्ती के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया चल रही है। एजेंसी के चयन के बाद परीक्षा आयोजित कर जल्द भर्ती पूरी की जाएगी।
वहीं, छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस के प्रांताध्यक्ष और पूर्व प्राचार्य अनिल शुक्ला ने सरकार पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है।

