Chhattisgarh

4 महीने से अटकी नियुक्तियां: चयनित 47 अधीक्षक पदस्थापना का कर रहे इंतजार, विभाग ने कानूनी प्रक्रिया का दिया हवाला

लोक सेवा आयोग की परीक्षा और साक्षात्कार पास करने के बावजूद महिला एवं बाल विकास विभाग में अधीक्षक (बाल देखरेख संस्थान) पद के लिए चयनित 47 अभ्यर्थी पिछले चार महीने से पदस्थापना का इंतजार कर रहे हैं। चयनित उम्मीदवारों का कहना है कि सभी चरण पूरे होने के बाद भी अब तक नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है, जिससे वे लगातार विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने वर्ष 2025 में इन पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा था। आयोग ने 7 अक्टूबर 2025 को 55 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया, लेकिन बाद में संशोधित आदेश के तहत पदों की संख्या घटाकर 47 कर दी गई। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 जनवरी 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित हुई और 6 फरवरी को परिणाम घोषित किए गए। इसके बाद 144 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिनमें 141 उम्मीदवार शामिल हुए। 11 मार्च को अंतिम चयन सूची और प्रतीक्षा सूची भी जारी कर दी गई।

चयन सूची जारी होने के बावजूद अब तक दस्तावेजों के सत्यापन सहित नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि शुरुआत में जल्द पदस्थापना का भरोसा दिया गया था, लेकिन समय बीतने के साथ प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई।

दस्तावेजों के अनुसार, विभाग में कुल 110 अधीक्षकों की नियुक्ति की योजना बनाई गई थी। इनमें 55 पद पदोन्नति और 55 पद सीधी भर्ती के लिए निर्धारित किए गए थे। इन पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग ने 22 मई 2025 को स्वीकृति भी प्रदान कर दी थी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने बताया कि पीएबी के निर्देशों के तहत एनजीओ द्वारा संचालित बाल संरक्षण गृहों को सरकार के अधीन संचालित किया जाना था, जिसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस संबंध में विधि विभाग से अभिमत मांगा गया है और उसके प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई एवं पदस्थापना पर निर्णय लिया जाएगा।

Follow Us on Our Social Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button