रायपुर में कांग्रेसियों ने घेरा थाना, सरकार के मंत्रियों-बीजेपी नेताओं के खिलाफ दी शिकायत; एफआईआर की मांग पर अड़े

रायपुर। रायपुर के खम्हारडीह थाना परिसर के बाहर कांग्रेस नेताओं (Congress) और कार्यकर्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रहा।
भाजपा-कांग्रेस विवाद के बाद कांग्रेस के 12 नेताओं और कई कार्यकर्ताओं पर गैर-जमानती धाराओं में दर्ज एफआईआर के विरोध में पार्टी के नेता 15 घंटे से अधिक समय से थाने के सामने डटे हुए हैं।
कांग्रेस की मांग है कि भाजपा के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी काउंटर एफआईआर दर्ज की जाए।

दीपक बैज सहित आला नेता देर रात से बैठे थाने में
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज (Congress) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता देर रात से ही थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टेंट लगाकर दरी, कालीन और गद्दों की व्यवस्था की और वहीं रात गुजारी।
इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जबकि कार्यकर्ता लगातार सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि हालिया घटनाक्रम में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उनका कहना है कि पत्थरबाजी के लिए भाजपा नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को उकसाया था, लेकिन पुलिस ने केवल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा नेताओं पर भी मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।

बीजेपी नेताओं के खिलाफ एफआईआर की मांग
बैज (Congress) ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जांच अभी जारी है तो कांग्रेस नेताओं के खिलाफ बिना पूरी जांच के एफआईआर कैसे दर्ज कर दी गई।
उन्होंने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ जाएगी।
वहीं, एसीपी पूर्णिमा लामा ने बताया कि कांग्रेस की ओर से काउंटर एफआईआर के लिए आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन प्रदर्शन समाप्त होने के कोई संकेत नहीं हैं।

