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विदेशों में हजारों भारतीयों की मौत, 2023-25 के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता; सऊदी और UAE में सबसे ज्यादा मामले

रोजगार, कारोबार और बेहतर जीवन की तलाश में हर साल लाखों भारतीय विदेश जाते हैं, लेकिन विदेश मंत्रालय के ताजा आंकड़ों ने एक चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है। संसद में पेश जानकारी के मुताबिक, 2023 से 2025 के बीच हजारों भारतीय नागरिकों की विदेशों में मौत हुई, जिनमें सबसे अधिक मामले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सामने आए हैं।

सऊदी और UAE में सबसे ज्यादा मौतें

विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब में 7,981 और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 7,458 भारतीय नागरिकों की मौत दर्ज की गई। इसके अलावा अमेरिका, ओमान, कुवैत, मलेशिया और इटली जैसे देशों में भी बड़ी संख्या में भारतीयों की जान गई।

प्राकृतिक कारण सबसे बड़ी वजह

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश मौतें प्राकृतिक कारणों से हुईं। हालांकि, कार्यस्थल पर हादसे, आत्महत्या, अपराध और अन्य कारणों से भी बड़ी संख्या में भारतीयों की मौत दर्ज की गई।

सऊदी अरब (2023-2025):

  • प्राकृतिक कारण: 6,376
  • कार्यस्थल हादसे: 182
  • आत्महत्या: 354
  • अपराध: 29
  • अन्य कारण: 1,040
  • कुल मौतें: 7,981

UAE (2023-2025):

  • प्राकृतिक कारण: 5,702
  • कार्यस्थल हादसे: 128
  • आत्महत्या: 511
  • अपराध: 25
  • अन्य कारण: 1,092
  • कुल मौतें: 7,458

अमेरिका: 2,850 मौतें
कुवैत: 2,191
ओमान: 1,498
मलेशिया: 1,437
इटली: 1,057

कार्यस्थल हादसे और मानसिक स्वास्थ्य भी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों में अत्यधिक गर्मी, लंबे कार्य घंटे और जोखिम भरे कामों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। वहीं परिवार से दूरी, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव आत्महत्या के मामलों की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।

सरकार ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय का कहना है कि प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और सहायता सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए भारतीय दूतावासों में 24×7 हेल्पलाइन, MADAD, CPGRAMS और e-Migrate जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं। खाड़ी देशों में विशेष लेबर विंग भी बनाए गए हैं, जो भारतीय श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन और नियोक्ताओं के साथ समन्वय करते हैं।

बीमा और सहायता की व्यवस्था

सरकार के अनुसार, प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY) के तहत पात्र श्रमिकों को दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है। वहीं eCARe पोर्टल के जरिए विदेश से भारत शव लाने की अनुमति की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है और 48 घंटे के भीतर मंजूरी देने का लक्ष्य रखा गया है। जरूरतमंद भारतीयों को इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (ICWF) के माध्यम से कानूनी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।

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