झारखंड में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा गिरफ्तार

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार और एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर को धनबाद-गिरिडीह सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ दो सहयोगियों और दो ग्रामीणों को भी हिरासत में लिया गया है। इसे राज्य में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान में यह कार्रवाई की गई। मिसिर बेसरा भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और झारखंड, बिहार तथा ओडिशा में सक्रिय सबसे वांछित माओवादी नेताओं में शामिल था। उसके सिर पर केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों की ओर से कुल एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
गिरफ्तारी के बाद मिसिर बेसरा को कड़ी सुरक्षा के बीच एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां उससे माओवादी संगठन के नेटवर्क, गतिविधियों और अन्य अहम जानकारियां जुटाने में लगी हैं। उसके साथ गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी है।
मिसिर बेसरा पिछले करीब तीन दशकों से झारखंड सहित कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख चेहरा माना जाता रहा है। उस पर सुरक्षाबलों पर हमलों, लेवी वसूली, हथियारों की तस्करी और कई बड़ी नक्सली वारदातों की साजिश रचने सहित अनेक गंभीर मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से माओवादी संगठन के नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी। फिलहाल मामले में आगे की जांच और पूछताछ जारी है।

