सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: गंभीर अपराधियों को नहीं मिलेगी राहत, बाकी प्रदर्शनकारियों पर केस वापस ले सकेंगे राज्य

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में बदलाव करते हुए साफ किया कि हत्या, दुष्कर्म और POCSO जैसे गंभीर व जघन्य अपराधों के आरोपियों को किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली समेत सभी राज्य सरकारें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कानून के अनुसार बंद करने या वापस लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, यह राहत केवल उन लोगों को मिलेगी जिन पर गंभीर अपराध के आरोप नहीं हैं।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 2,700 से अधिक ऐसे लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली जाएंगी, जिनका रिकॉर्ड गंभीर अपराधों से जुड़ा है।
वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से पुलिस कार्रवाई, पेलेट गन के इस्तेमाल, लाठीचार्ज और चेहरे की पहचान (फेशियल सर्विलांस) जैसी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इन सभी मुद्दों पर हलफनामा दाखिल कर जवाब देने को कहा है।
कोर्ट ने राज्यों के मुख्य सचिवों को भी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी, जिसमें एसआईटी गठन, पेलेट गन के इस्तेमाल और एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।

