पहली बार F-1 सिम रेसिंग ट्रायल: खेल परिसर में युवाओं ने आजमाई रफ्तार, नेशनल फाइनल मुंबई में

पटना। बिहार में मोटरस्पोर्ट्स की नई प्रतिभाओं की तलाश शुरू हो गई है। पाटलिपुत्र खेल परिसर के इंडोर हॉल में मंगलवार को एफ-1 सिम रेसिंग इंडिया ओपन के चयन ट्रायल (Racing Trial) का अंतिम दिन है।
ट्रायल में युवा कंप्यूटर पर सिमुलेटर के जरिए स्पोर्ट्स कार की रफ्तार और ड्राइविंग स्किल का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पहल के जरिए बिहार के युवाओं को मोटरस्पोर्ट्स के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिलेगा।
बिहार में पहली बार आयोजन
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रण शंकरण ने बताया कि राज्य में पहली बार एफ-1 सिम रेसिंग इंडिया ओपन का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देशभर के युवा और अनुभवी सिम रेसर्स को एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना और नई प्रतिभाओं की पहचान करना है।
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प्रतिभागियों की रेसिंग क्षमता, तकनीकी कौशल और प्रदर्शन का आकलन किया जा रहा है। जूनियर वर्ग की प्रतिभाओं की पहचान में भारत के मोहम्मद इब्राहिम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे प्रतिभागियों के प्रदर्शन को परखकर संभावनाशील रेसर्स की पहचान करेंगे।
शहर से शुरू होगा सफर, मुंबई में फाइनल
चैंपियनशिप का आयोजन कई चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले शहर स्तर (Racing Trial) पर चयन होगा। इसके बाद प्रतिभागी क्षेत्रीय मुकाबलों में हिस्सा लेंगे और बेहतर प्रदर्शन करने वाले रेसर्स राष्ट्रीय फाइनल तक पहुंचेंगे। प्रतियोगिता का अंतिम मुकाबला मुंबई में आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के मुताबिक, इस प्रक्रिया से अलग-अलग शहरों और राज्यों से उभरने वाली प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। सिम रेसिंग के जरिए युवा वास्तविक मोटरस्पोर्ट्स की तकनीक और प्रतिस्पर्धा का अनुभव भी हासिल कर सकेंगे।
2 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि
एफ-1 सिम रेसिंग इंडिया ओपन में खिलाड़ियों के लिए कुल 2 करोड़ रुपए (Racing Trial) की पुरस्कार राशि रखी गई है। इसमें सीनियर वर्ग के लिए 1 करोड़ और जूनियर वर्ग के लिए 1 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। इससे प्रतियोगिता में युवाओं की भागीदारी और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ने की उम्मीद है।



