Gen Z को हल्के में लेना पड़ेगा भारी, कम उम्र में निवेश से लेकर आर्थिक आजादी तक बदल रहा पैसों का खेल

Gen Z को अक्सर खर्चीली और मौज-मस्ती पसंद करने वाली पीढ़ी माना जाता है, लेकिन निवेश से जुड़े आंकड़े एक अलग तस्वीर दिखाते हैं। 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवाओं का एक बड़ा वर्ग कम उम्र से ही अपने वित्तीय भविष्य को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। पिछली पीढ़ियों की तुलना में Gen Z के युवा जल्दी निवेश शुरू कर रहे हैं और शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड समेत अलग-अलग निवेश विकल्पों में दिलचस्पी ले रहे हैं।
नए निवेशकों की औसत उम्र 2019-20 में 29 साल थी, जो जुलाई 2026 की NSE मार्केट पल्स रिपोर्ट के अनुसार घटकर 27 साल हो गई है। वहीं कुछ युवा इससे भी कम उम्र में निवेश शुरू कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म की आसान पहुंच ने छोटी रकम से निवेश शुरू करना भी आसान बना दिया है।
छोटी रकम से निवेश, सोशल मीडिया का भी असर
Gen Z के निवेश व्यवहार में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि युवा छोटी रकम से भी निवेश की शुरुआत कर रहे हैं। कई युवा शेयर, म्यूचुअल फंड, इंडेक्स फंड और ETF जैसे विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। कुछ निवेशक सोने और चांदी में भी पैसा लगा रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की वजह से उन्हें अलग-अलग स्रोतों से वित्तीय जानकारी हासिल करने और निवेश से पहले कई विकल्पों की तुलना करने का मौका मिल रहा है।
हालांकि सोशल मीडिया का प्रभाव भी काफी मजबूत है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 62.4 फीसदी निवेश फैसले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साथियों के समूह से प्रभावित होते हैं। इससे युवाओं में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है और कुछ लोग थीमैटिक शेयर, क्रिप्टोकरेंसी या F&O जैसे ज्यादा जोखिम वाले विकल्पों की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं।
फाइनेंशियल फ्रीडम के साथ बढ़ रहा कर्ज का इस्तेमाल
Gen Z के लिए आर्थिक आजादी का मतलब सिर्फ जल्दी रिटायर होना नहीं है। कई युवा 40 की उम्र तक आर्थिक रूप से मजबूत होकर अपने शौक, बिजनेस या दूसरे लक्ष्यों को पूरा करना चाहते हैं। इसके लिए वे 20 और 30 की उम्र में निवेश का आधार तैयार करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
दूसरी ओर, इस पीढ़ी की क्रेडिट तक पहुंच भी पहले की तुलना में आसान हुई है। डिजिटल लेंडिंग, BNPL और कंज्यूमर लोन जैसे विकल्पों ने कम उम्र में उधार लेना आसान बनाया है। मार्च 2026 में नए क्रेडिट कार्ड ग्राहकों में 50 फीसदी की उम्र 30 साल से कम थी। रिपोर्ट के अनुसार, कई Gen Z ग्राहकों के पास पहला क्रेडिट कार्ड मिलने से पहले ही अन्य क्रेडिट प्रोडक्ट मौजूद थे।
महंगाई, घरों की बढ़ती कीमतों और जीवनशैली के खर्च के बीच युवा कम उम्र में ही वित्तीय फैसले लेने के लिए मजबूर भी हो रहे हैं। वहीं करियर को लेकर भी Gen Z का नजरिया अलग है। नौकरी बदलने को केवल कम प्रतिबद्धता के तौर पर नहीं देखा जा सकता, बल्कि कई युवा बेहतर अवसर और तेजी से सीखने के लिए करियर में बदलाव कर रहे हैं।



