महासमुंद में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा, महानदी किनारे 3 दर्जन गांव अलर्ट; शराब दुकान में फंसे 2 सुरक्षाकर्मी रेस्क्यू

महासमुंद। जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश के साथ महानदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण नदी-नाले उफान पर हैं और नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगरेल बांध के 21 गेटों में से 12 गेट खोले जाने के बाद महानदी में पानी का प्रवाह बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे करीब तीन दर्जन गांवों में अलर्ट जारी किया है और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
बम्हनी में पानी से घिरी शराब दुकान, दो सुरक्षाकर्मी फंसे
जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बम्हनी में स्थित सरकारी शराब दुकान बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गई। दुकान की सुरक्षा में तैनात छगन लाल कुर्रे और ईद कुमार टंडन बढ़ते जलस्तर के बीच अंदर फंस गए।
बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के बाद दोनों सुरक्षाकर्मियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के जरिए अपनी स्थिति की जानकारी दी। वीडियो सामने आने के बाद इसकी सूचना प्रशासन तक पहुंची।
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने नगर सेना की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने राहत और बचाव अभियान चलाकर दोनों सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया।
पत्थर खदान में फंसे बुजुर्ग को भी निकाला
इसी तरह ग्राम मुढ़ेना में पत्थर खदान में फंसे 60 वर्षीय छुन्नू यादव को भी नगर सेना की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लगातार बारिश के बीच राहत और बचाव दलों को सतर्क रखा गया है।
महानदी किनारे तीन दर्जन गांव अलर्ट पर
महानदी का जलस्तर बढ़ने और बारिश का दौर जारी रहने के कारण प्रशासन ने नदी किनारे बसे करीब तीन दर्जन गांवों में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो वे सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन एवं राहत-बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं।
10 साल के औसत से 24.6 फीसदी ज्यादा बारिश
26 सितंबर 2026 की दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 1 जून से अब तक 7450.3 मिमी कुल वर्षा दर्ज की गई है। तहसीलों के औसत के आधार पर जिले में अब तक 1241.7 मिमी बारिश हुई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत 996.0 मिमी से 24.6 फीसदी अधिक है।
सरायपाली में अब तक 1359.0 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो 10 वर्षों के औसत 938.4 मिमी से 144.8 फीसदी अधिक है। वहीं पिथौरा में 1427.0 मिमी बारिश हुई है, जो 10 वर्षीय औसत से 137 फीसदी अधिक है।
26 सितंबर को छह तहसीलों में 225.3 मिमी बारिश
26 सितंबर की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार जिले की छह तहसीलों में कुल 225.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। औसत दैनिक वर्षा 37.5 मिमी रही। बागबाहरा में 57.1 मिमी, कोमाखान में 56.1 मिमी, पिथौरा में 37.8 मिमी, महासमुंद में 36.1 मिमी, सरायपाली में 21.0 मिमी और बसना में 17.2 मिमी बारिश हुई।
लगातार बारिश और महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने कहा गया है।



