JPSC, JSSC-CGL कथित परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की बड़ी कार्रवाई, आरोपी अभय तिवारी के भाई और पत्नी गिरफ्तार

झारखंड में JPSC और JSSC-CGL से जुड़ी कथित परीक्षा गड़बड़ी के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने आरोपी अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुषमा कुमारी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर परीक्षाओं में गलत तरीके से सफलता हासिल कर सरकारी नौकरी प्राप्त की।
CID ने दोनों को मंगलवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद दोनों की गिरफ्तारी की गई। इससे पहले मामले में TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल जेल में है।
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जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है। अक्षय और सुषमा की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
24 दिनों से आंदोलन कर रहे थे छात्र
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र 24 दिनों से धरने पर बैठे थे।
आंदोलनकारी JPSC मामले में CBI जांच की मांग कर रहे थे। छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार ने एक दिन पहले उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए TDPL की ओर से कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था।
जांच में सामने आ सकते हैं और नाम
अभय तिवारी के बाद उसके भाई और पत्नी की गिरफ्तारी ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब CID इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर परीक्षा में अनियमितता का लाभ कितने अभ्यर्थियों को मिला और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क था या नहीं।
हालांकि, अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।



