आजम खान के जौहर ट्रस्ट पर ED का शिकंजा: यूनिवर्सिटी निर्माण के 494 करोड़ का हिसाब नहीं दे पाया ट्रस्ट, रामपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी

लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान और उनके जौहर ट्रस्ट पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कार्रवाई की। ईडी की टीम ने सुबह करीब 7 बजे रामपुर में आजम खान के जेल रोड स्थित आवास, जौहर विश्वविद्यालय और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण और ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण पर करीब 494 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। आयकर विभाग को ट्रस्ट अब तक इस रकम के स्रोत और खर्च का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं करा पाया है। इसी वजह से विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित तौर पर काले धन के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द
आयकर विभाग ED ने 23 जून को मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द कर दिया था। विभाग का आरोप था कि ट्रस्ट आय-व्यय से जुड़ा जरूरी रिकॉर्ड और अन्य जानकारियां उपलब्ध कराने में विफल रहा। इसके बाद विभाग ने ट्रस्ट से वर्ष 2015 से 2020 तक की आय और व्यय का विस्तृत ब्योरा मांगा था। इसमें जौहर विश्वविद्यालय के लिए जमीन खरीद, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण पर खर्च की गई रकम के दस्तावेज भी शामिल थे।
आयकर विभाग ने उन 11 संदिग्ध फर्मों का रिकॉर्ड भी मांगा था, जिनसे ट्रस्ट को दान के नाम पर करोड़ों रुपए मिलने की बात सामने आई थी। ट्रस्ट ने ब्योरा देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है।
मुकदमों का विवरण मांगा ED ने
ईडी ने जुलाई में रामपुर पुलिस और प्रशासन से आजम खान के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का विवरण मांगा था। इसके बाद से ही ईडी की संभावित कार्रवाई की चर्चा थी। वर्ष 2022 में भी ईडी की टीम जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की प्रारंभिक जांच के लिए रामपुर पहुंची थी।
आजम खान फिलहाल रामपुर जेल में सजा काट रहे हैं। दो पैन कार्ड मामले में उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई है। ईडी की कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन, ट्रस्ट की आय, दान और विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च की गई रकम से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है।



