गोदरेज ग्रुप ने प्राइवेट क्रेडिट बाजार में रखा कदम, 2,000 करोड़ रुपये के फंड से मिड-मार्केट कंपनियों को मिलेगा सहारा

गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप ने भारत के तेजी से बढ़ते प्राइवेट क्रेडिट बाजार में प्रवेश किया है। कंपनी ने 2,000 करोड़ रुपये का नया अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य ऐसी मझोली कंपनियों को कर्ज उपलब्ध कराना है, जिन्हें कारोबार बढ़ाने, अधिग्रहण, पुराने कर्ज के पुनर्वित्त या कार्यशील पूंजी के लिए फंड की जरूरत होती है।
भारत का प्राइवेट क्रेडिट बाजार फिलहाल करीब 12 अरब डॉलर का बताया जा रहा है। गोदरेज ग्रुप की एंट्री ऐसे समय हुई है, जब इस क्षेत्र में बड़े निवेशकों और वित्तीय संस्थानों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इस फंड के जरिए कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी कम किए बिना पूंजी जुटाने का विकल्प मिल सकेगा।
मिड-मार्केट कंपनियों को मिलेगा कर्ज
गोदरेज का नया फंड मुख्य रूप से उन मिड-मार्केट कंपनियों पर ध्यान देगा, जिनका कैश फ्लो मजबूत है, लेकिन उन्हें पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था से जरूरत के मुताबिक वित्तीय सहायता नहीं मिल पाती। फंड से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कारोबार के विस्तार, दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण, कर्ज के पुनर्वित्त और कार्यशील पूंजी जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकेगा।
इस फंड के तहत कंपनियों को इक्विटी हिस्सेदारी कम करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, कर्ज उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा या कोलैटरल की शर्त रखी जाएगी। फंड किसी एक खास सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को वित्तीय सहायता देने पर ध्यान देगा।
1,000 करोड़ का बेस कॉर्पस, अतिरिक्त 1,000 करोड़ का विकल्प
यह फंड कैटेगरी-II अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड के तौर पर तैयार किया गया है। इसका कुल लक्ष्य 2,000 करोड़ रुपये जुटाना है। इसमें 1,000 करोड़ रुपये का बेस कॉर्पस रखा गया है, जबकि निवेशकों की मजबूत मांग होने पर अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए ग्रीनशू विकल्प भी मौजूद है।
यह फंड आम रिटेल निवेशकों के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इसे प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स, अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स, फैमिली ऑफिस और बड़े संस्थागत निवेशकों को पेश किया जाएगा।
भारत के प्राइवेट क्रेडिट क्षेत्र में हाल के समय में कई नए निवेशक उतर चुके हैं। नुवामा, पीएजी, आस्क अल्टरनेट्स और लाइटहाउस कैंटन जैसे संस्थानों ने भी इस क्षेत्र में फंड लॉन्च किए हैं। रिटर्न की संभावनाओं के कारण भारत का प्राइवेट क्रेडिट बाजार घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षक बन रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सौदे की प्रकृति के आधार पर इस क्षेत्र में करीब 14 से 22 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने की संभावना बताई जा रही है।



