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सांसद नीरज डांगी को कांग्रेस ने राज्यसभा में बनाया चीफ व्हिप, जानिये कौन हैं ये वरिष्ठ नेता

भारत-कांग्रेस पार्टी ने संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में अपनी रणनीति को और अधिक धार देने के लिए राजस्थान के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद नीरज डांगी को पार्टी का चीफ व्हिप (Chief Whip) नियुक्त किया है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के मिलने के बाद अब वे सदन के भीतर कांग्रेस सांसदों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने, पार्टी की रणनीति के अनुसार सभी सदस्यों की उपस्थिति दर्ज कराने, महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतदान (Voting) सुनिश्चित करने और विधायी कार्यों के सुचारू संचालन में अहम भूमिका निभाएंगे। पार्टी आलाकमान की ओर से इस नियुक्ति का आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है।

कौन हैं नीरज डांगी?

नीरज डांगी मूल रूप से राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं और कांग्रेस पार्टी के एक अनुभवी व जुझारू चेहरे माने जाते हैं:

संसदीय सफर: उन्हें वर्ष 2020 में पहली बार कांग्रेस द्वारा राज्यसभा भेजा गया था। इसके बाद पार्टी ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया।

दलित चेहरा और साफ छवि: पार्टी संगठन के भीतर नीरज डांगी की गिनती एक कद्दावर दलित नेता के रूप में होती है। उनकी छवि एक साफ-सुथरे, वफादार और ईमानदार राजनेता की रही है।

गहलोत गुट के करीबी: राजनीतिक गलियारों में उनकी गिनती राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेहद करीबी नेताओं में की जाती है।

राजनीति विरासत में और यूथ कांग्रेस से शुरुआत

नीरज डांगी को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता दिनेश डांगी राजस्थान सरकार में मंत्री रह चुके हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान दलित समाज के अधिकारों और उनके उत्थान के लिए कई कार्य किए। पिता से प्रेरणा लेकर ही नीरज डांगी ने छात्र जीवन से ही सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ा दिए थे:

शुरुआत: उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और यूथ कांग्रेस के माध्यम से की।

संगठन में पद: संगठन में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते हुए साल 2002 में उन्हें राजस्थान यूथ कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वर्ष 2009 में उन्हें राजस्थान यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई।

अन्य जिम्मेदारियां: वे साल 2014 में राजस्थान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के महासचिव बने। इसके अलावा वे ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

चुनावी संघर्षों का दौर

संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नीरज डांगी को चुनावी मैदान में कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है:

विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने उन्हें साल 2003 में देसूरी विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2008 और 2018 के विधानसभा चुनावों में भी पार्टी ने उन्हें रेवदर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, लेकिन इन मुकाबलों में भी उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।

संगठन का अटूट भरोसा: चुनावी हार के बावजूद पार्टी नेतृत्व का उन पर से भरोसा कभी कम नहीं हुआ। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यकुशलता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें अंततः देश के सबसे बड़े सदन (राज्यसभा) में भेजकर बड़ा सम्मान दिया और अब उन्हें चीफ व्हिप जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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