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Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में चार साल बाद भी छह नए जिलों को कलेक्ट्रेट भवन का इंतजार

किराए के भवनों में चल रहा काम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए जिलों के गठन के चार साल बाद भी छह जिलों को अपने स्थायी कलेक्ट्रेट भवन (collectorate buildings) का इंतजार है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही समेत छह नवगठित जिलों में संयुक्त जिला कार्यालयों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है।

इसके चलते सरकारी विभागों का कामकाज किराए के या दूसरे उपलब्ध भवनों से संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक भवनों का निर्माण कार्य जारी है और 30 अक्टूबर तक काम पूरा होने की संभावना है।

प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को 10 फरवरी 2020 को नया जिला (collectorate buildings) बनाया गया था।

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इसके बाद 2022 में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सक्ती, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले अस्तित्व में आए। नए जिलों में प्रशासनिक गतिविधियां शुरू हो गईं, लेकिन स्थायी संयुक्त जिला कार्यालय भवनों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

18.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत

प्रत्येक संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण के लिए करीब 18.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दी गई है। करोड़ों रुपये की स्वीकृति के बावजूद काम की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिससे इन जिलों के प्रशासनिक कार्यालयों को अब भी अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

कलेक्ट्रेट भवन एक ही परिसर में विभिन्न विभागों और अधिकारियों के कार्यालयों को सुविधा उपलब्ध कराता है। ऐसे में स्थायी भवन नहीं होने से विभागों के बीच समन्वय और आम लोगों की सुविधा भी प्रभावित होती है। अलग-अलग किराए के भवनों में कार्यालय संचालित होने से लोगों को संबंधित विभाग तक पहुंचने में अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है।

अक्टूबर तक काम पूरा करने का टारगेट

पीडब्ल्यूडी के अनुसार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (collectorate buildings) में भवन का सिविल कार्य पूरा हो चुका है और फिलहाल फिनिशिंग का काम चल रहा है। विभाग का दावा है कि सभी छह संयुक्त जिला कार्यालय भवनों का निर्माण 30 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब देखना होगा कि चार साल से लंबित इन भवनों का इंतजार तय समयसीमा में खत्म हो पाता है या नहीं।

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