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Chhattisgarh

पेंड्रा में LPG गैस एजेंसी पर खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, 471 सिलेंडर जब्त;

स्टॉक बोर्ड और रजिस्टर में मिली गड़बड़ी

पेंड्रा-गौरेला। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में LPG गैस की भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को खाद्य विभाग की टीम ने गौरेला स्थित मेसर्स सियाराम गैस एजेंसी के गोदाम में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच के बाद विभाग ने एजेंसी के गोदाम से कुल 471 LPG सिलेंडर जब्त किए हैं।

कार्रवाई के बाद गैस एजेंसी की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब एजेंसी पर नियमों के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई हुई हो। विभाग के मुताबिक, इससे पहले भी गोदाम की जांच की गई थी और उस समय नियमों का उल्लंघन मिलने पर एजेंसी पर जुर्माना लगाया गया था।

471 सिलेंडर विभाग ने किए जब्त

खाद्य विभाग की टीम ने जांच के दौरान घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के LPG सिलेंडरों की जांच की। अनियमितताएं मिलने के बाद कुल 471 सिलेंडरों को जब्त किया गया।

इनमें 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले 433 घरेलू सिलेंडर शामिल हैं। इनमें 87 सिलेंडर खाली और 346 सिलेंडर भरे हुए थे।

इसके अलावा 19 किलोग्राम क्षमता वाले 38 व्यावसायिक सिलेंडर भी जब्त किए गए। इनमें 36 खाली और 2 भरे हुए सिलेंडर थे।

इस तरह खाद्य विभाग ने कुल 471 सिलेंडरों को अपने कब्जे में लिया है। कार्रवाई में घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों के सिलेंडर शामिल हैं।

स्टॉक बोर्ड तक नहीं मिला

औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य विभाग की टीम को सिर्फ सिलेंडरों के स्टॉक में ही नहीं, बल्कि रिकॉर्ड और सूचना प्रदर्शित करने की व्यवस्था में भी कमियां मिलीं।

जांच के समय गोदाम में मुख्य बोर्ड और स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं किया गया था। इसके अलावा आवक-जावक पंजी और स्टॉक पंजी का भी विधिवत संधारण नहीं किया जा रहा था।

गैस उपभोक्ताओं के लिए कीमत और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी देने वाला मूल्य-स्टॉक बोर्ड भी मौके पर प्रदर्शित नहीं मिला।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने इन सभी कमियों को गंभीरता से लिया और नियमानुसार कार्रवाई की।

शिकायतों के बाद विभाग ने की कार्रवाई

जिला खाद्य अधिकारी श्वेता अग्रवाल ने बताया कि सियाराम गैस एजेंसी के खिलाफ विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य विभाग की टीम ने गोदाम का अचानक निरीक्षण किया।

औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह देखना था कि गैस एजेंसी LPG के भंडारण और वितरण से जुड़े नियमों का पालन कर रही है या नहीं।

जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने सिलेंडरों की जब्ती की कार्रवाई की।

पहले भी लगाया जा चुका है 10 हजार रुपए का जुर्माना

खाद्य विभाग के मुताबिक, सियाराम गैस एजेंसी के गोदाम की इससे पहले भी जांच की जा चुकी है। उस समय भी एजेंसी में नियमों का उल्लंघन पाया गया था।

पिछली कार्रवाई में एजेंसी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर विभाग ने दोबारा कार्रवाई की है।

यानी विभाग की ओर से पहले चेतावनी और आर्थिक दंड दिए जाने के बाद भी अगर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो इस बार कार्रवाई और सख्त नजर आई।

अब एजेंसी के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर भी नजर बनी हुई है।

LPG वितरण में नियमों का पालन क्यों जरूरी?

LPG गैस एक आवश्यक घरेलू ईंधन होने के साथ-साथ ज्वलनशील पदार्थ भी है। ऐसे में इसके भंडारण और वितरण में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी होता है।

अगर गैस एजेंसी में स्टॉक का सही रिकॉर्ड नहीं रखा जाए या उपभोक्ताओं को कीमत और उपलब्धता की जानकारी देने वाली व्यवस्था ठीक नहीं हो, तो इससे पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।

इसी वजह से खाद्य विभाग समय-समय पर गैस एजेंसियों की जांच करता है। नियमों के मुताबिक एजेंसी को स्टॉक, आवक-जावक और उपभोक्ताओं से जुड़ी जरूरी जानकारी व्यवस्थित तरीके से रखना होता है।

2000 के नियमों के तहत कार्रवाई

खाद्य विभाग ने सियाराम गैस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियम) आदेश, 2000 के प्रावधानों के तहत की है।

इन नियमों का उद्देश्य LPG की आपूर्ति, भंडारण और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करना है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गैस उपलब्ध हो सके।

विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी वजह से एजेंसियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखती है कार्रवाई?

गैस एजेंसी से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। इसलिए स्टॉक की सही जानकारी, गैस की कीमत का स्पष्ट प्रदर्शन और रिकॉर्ड का व्यवस्थित रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण है।

खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से यह संकेत भी मिलता है कि LPG एजेंसियों को नियमों का पालन करने में लापरवाही महंगी पड़ सकती है।

अब विभाग की नजर जिले की अन्य गैस एजेंसियों पर भी रह सकती है। अगर किसी एजेंसी में इसी तरह की शिकायत या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो वहां भी जांच और कार्रवाई की जा सकती है।

आगे भी जारी रहेगी निगरानी

जिला खाद्य अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए LPG की सुरक्षित आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की निगरानी जारी रहेगी।

किसी भी गैस एजेंसी में नियमों का उल्लंघन, रिकॉर्ड में गड़बड़ी या अन्य अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल गौरेला की सियाराम गैस एजेंसी में हुई कार्रवाई जिले में LPG वितरण व्यवस्था को लेकर विभाग की सख्ती का बड़ा उदाहरण है। 471 सिलेंडरों की जब्ती और पहले लगाए गए 10 हजार रुपए के जुर्माने के बावजूद दोबारा अनियमितता मिलने से मामला और गंभीर हो गया है।

अब देखना होगा कि जब्त किए गए सिलेंडरों को लेकर आगे विभाग क्या निर्णय लेता है और एजेंसी के खिलाफ कितनी अतिरिक्त कार्रवाई होती है।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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