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छत्तीसगढ़ में किशोरियों को लगेगी HPV वैक्सीन, सर्वाइकल कैंसर से बचाव में 95% तक कारगर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए HPV वैक्सीनेशन अभियान को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। अब 14 साल तक की बालिकाओं को चयनित PHC में HPV वैक्सीन लगाई जा रही है। खास बात यह है कि इसके लिए बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत नहीं होगी। जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मेडिकल ऑफिसर पदस्थ हैं, वहां अभियान के तहत टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीनेशन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में करीब 95 फीसदी तक प्रभावी हो सकता है। किशोरावस्था में वैक्सीनेशन कराने का उद्देश्य भविष्य में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण से होने वाले सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करना है।

14 साल तक की किशोरियों को मिलेगी HPV वैक्सीन

प्रदेश में शुरू किए गए इस अभियान के तहत 14 साल तक की किशोरियों को HPV वैक्सीन दी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 0.5 मिली की सिंगल डोज लगाई जा रही है। वैक्सीन बालिका की बायीं ऊपरी बांह में दी जाएगी।

HPV टीकाकरण से पहले माता-पिता या अभिभावक की सहमति लेना जरूरी होगा। इससे परिवारों को वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी देने और उनकी सहमति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

टीकाकरण के बाद रिकॉर्ड और पहचान के लिए तर्जनी उंगली में मार्किंग भी की जा रही है। इससे अभियान के दौरान वैक्सीनेट की गई बालिकाओं की पहचान और रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी।

HPV क्या है और सर्वाइकल कैंसर से इसका क्या संबंध है?

HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक वायरस है। इसके कुछ प्रकार आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकते हैं। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है।

विशेषज्ञों का कहना है कि HPV संक्रमण से बचाव के लिए किशोरावस्था में वैक्सीनेशन काफी महत्वपूर्ण है। संक्रमण होने से पहले वैक्सीन दिए जाने पर इसका लाभ अधिक हो सकता है। यही वजह है कि कम उम्र में किशोरियों के वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव में 95 फीसदी तक प्रभावी

सीनियर कैंसर सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता और हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार HPV वैक्सीनेशन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में करीब 95 फीसदी तक प्रभावी हो सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक किशोरियों को समय पर HPV वैक्सीन देने से भविष्य में गर्भाशय के मुख यानी सर्विक्स के कैंसर का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई बार महिलाएं बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं और समय पर जांच नहीं करा पातीं। ऐसे में वैक्सीनेशन के साथ कैंसर की रोकथाम और समय पर स्क्रीनिंग के प्रति जागरूकता भी जरूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को भी आसानी से मिलेगा लाभ

पहले HPV वैक्सीन के लिए कई परिवारों को बड़े अस्पतालों या निजी स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता था। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक सुविधा पहुंचने से ग्रामीण इलाकों की किशोरियों के लिए वैक्सीनेशन आसान हो सकता है।

खासकर उन परिवारों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण है, जिनके लिए बड़े शहरों या जिला अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल होता है। PHC स्तर पर टीकाकरण उपलब्ध होने से ज्यादा से ज्यादा बालिकाओं को अभियान से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

टीकाकरण से पहले इन बातों का रखा जा रहा ध्यान

HPV वैक्सीन लगाने से पहले बालिका के माता-पिता या अभिभावक की सहमति ली जा रही है। अभियान के तहत चयनित PHC में मेडिकल ऑफिसर की मौजूदगी में टीकाकरण किया जा रहा है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 0.5 मिली की सिंगल डोज बायीं ऊपरी बांह में लगाई जा रही है। गर्भावस्था के दौरान HPV वैक्सीन नहीं दी जाती। इसलिए वैक्सीनेशन से पहले जरूरी जानकारी और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का ध्यान रखा जाता है।

टीकाकरण के बाद तर्जनी उंगली में मार्किंग की जा रही है, जिससे अभियान के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सके।

सिर्फ वैक्सीन ही नहीं, जागरूकता भी जरूरी

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके साथ जागरूकता और समय पर स्क्रीनिंग भी जरूरी है।

कैंसर विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के संभावित लक्षणों, नियमित स्वास्थ्य जांच और व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए। किशोरियों और उनके परिवारों को HPV संक्रमण और वैक्सीनेशन के फायदे समझाना भी इस अभियान की सफलता के लिए अहम होगा।

14 साल तक की बालिकाओं के लिए क्या जानना जरूरी है?
  • 14 साल तक की बालिकाएं अभियान के दायरे में हैं।
  • HPV वैक्सीन की 0.5 मिली की सिंगल डोज दी जा रही है।
  • वैक्सीन बायीं ऊपरी बांह में लगाई जाएगी।
  • टीकाकरण से पहले माता-पिता या अभिभावक की सहमति ली जाएगी।
  • मेडिकल ऑफिसर वाले चयनित PHC में वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध है।
  • टीकाकरण के बाद रिकॉर्ड के लिए तर्जनी उंगली में मार्किंग की जा रही है।
  • गर्भावस्था के दौरान HPV वैक्सीन नहीं लगाई जाती।
  • भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम करने के लिए वैक्सीनेशन के साथ जागरूकता और स्क्रीनिंग भी जरूरी है।
क्या है सर्वाइकल कैंसर?

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में होने वाला कैंसर है। इसका संबंध कई मामलों में HPV संक्रमण से होता है। बीमारी से बचाव के लिए HPV वैक्सीनेशन को महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है।

छत्तीसगढ़ में PHC स्तर तक HPV वैक्सीन की सुविधा पहुंचाना खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की किशोरियों के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इससे परिवारों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही वैक्सीनेशन की सुविधा मिल सकेगी।

हालांकि, किसी भी वैक्सीन की तरह HPV वैक्सीन के बारे में अंतिम निर्णय संबंधित स्वास्थ्यकर्मी की सलाह और पात्रता के अनुसार लिया जाना चाहिए। वैक्सीनेशन के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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