झीरम कांड पर अनिता शर्मा ने उठाए सवाल, बोलीं- राजनीतिक षड्यंत्र के पीछे के नाम भी सामने आएं

झीरम घाटी हमले के 13 साल बाद आए अदालत के फैसले को कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने न्याय नहीं माना है। हमले में उनके पति योगेंद्र शर्मा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की जान गई थी। अनिता शर्मा ने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। उनका कहना है कि जांच सिर्फ हमले में शामिल लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यदि इसके पीछे राजनीतिक षड्यंत्र था तो उसके जिम्मेदार लोगों के नाम भी सामने आने चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया इनपुट पर उठाए सवाल
अनिता शर्मा ने झीरम घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बस्तर से कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का काफिला गुजर रहा था, इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं थी। उन्होंने खुफिया इनपुट को लेकर भी सवाल किया।
उनके मुताबिक, अगर हमले के खतरे की जानकारी पहले से थी तो उसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया? वहीं अगर कोई खुफिया इनपुट नहीं था तो इतने बड़े राजनीतिक काफिले की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, यह भी जांच का विषय है।
हमले के बाद परिवार को बताया गया था कि पति घायल हैं
झीरम हमले के दिन को याद करते हुए अनिता शर्मा ने बताया कि घटना के बाद परिवार को शुरुआत में बताया गया था कि उनके पति योगेंद्र शर्मा घायल हैं। परिवार ने उन्हें टीवी और खबरों से दूर रखा था। बाद में जब घटना की जानकारी सामने आती गई, तब पता चला कि झीरम घाटी में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं पर हमला हुआ है।
पति की मौत के बाद ही अनिता शर्मा राजनीति में आईं। उन्होंने बताया कि योगेंद्र शर्मा राजनीति में सक्रिय थे और विधायक बनने का सपना देखते थे। पति को खोने के बाद उनके बच्चों ने उन्हें चुनाव लड़ने और राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।
नए सिरे से जांच और कानूनी लड़ाई की बात
अनिता शर्मा ने कहा कि झीरम मामले में न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। वह आगे पार्टी नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात भी उन्होंने कही।
25 मई 2013 के झीरम घाटी नरसंहार मामले में जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 13 साल बाद 10 नक्सलियों को दोषी ठहराया है। 11 आरोपियों में से एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। दोषियों की सजा पर फैसला 16 सितंबर को सुनाया जाएगा। अनिता शर्मा का कहना है कि आगे की जांच में हमले के पीछे के कथित राजनीतिक षड्यंत्र और उससे जुड़े अनसुलझे सवालों के जवाब भी सामने आने चाहिए।



