पूर्व IAS बीकेएस रे का निधन
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रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रशासनिक गलियारे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य के वरिष्ठ, बेहद अनुशासित और प्रखर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी बीकेएस रे (बिजय कुमार सदनंद रे) का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी अस्वस्थता और बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही प्रदेश के प्रशासनिक, सामाजिक और साहित्यिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
बीकेएस रे केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक उच्च कोटि के विचारक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त लेखक भी थे।
कैसा रहा प्रशासनिक सफर: 1972 बैच के थे अफसर
1949 में जन्मे बीकेएस रे 1972 बैच के आईएएस अधिकारी थे। उन्होंने अविभाजित मध्य प्रदेश और फिर छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद कई अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वे छत्तीसगढ़ शासन में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिव जैसे शीर्ष पदों पर रहे।
उन्हें उनकी कड़क कार्यशैली, नीतिगत स्पष्टता और त्वरित फैसले लेने की क्षमता (Result-Oriented Approach) के लिए जाना जाता था। साल 2009 में वे शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं और न्यायपालिका व कानून के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया।
साहित्य साधना: रिटायरमेंट के बाद लिखीं 50 से ज्यादा किताबें
आमतौर पर प्रशासनिक अधिकारी रिटायरमेंट के बाद शांत जीवन बिताना पसंद करते हैं, लेकिन बीकेएस रे के भीतर का लेखक उनकी सेवानिवृत्ति के बाद पूरी तरह जाग उठा। उन्होंने अपनी कलम को हथियार बनाया और साहित्य जगत में एक अनूठी पहचान स्थापित की।
उन्होंने अपने जीवनकाल में 50 से अधिक पुस्तकें लिखीं। उनके उपन्यासों, नाटकों और कविताओं में प्रशासनिक जीवन के बारीक अनुभव, समकालीन सामाजिक चुनौतियां और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक गहरा विमर्श देखने को मिलता था।
उनकी कुछ सबसे चर्चित कृतियाँ:
The Boy from Bhubaneswar: (उनका सबसे लोकप्रिय और बहुचर्चित उपन्यास)
The Blind Horizon
The Turmoil
Something Goes Beyond Me: (हृदय को छू लेने वाला कविता संग्रह)
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला ‘सुकरात अवॉर्ड’ (Socrates Award)
साहित्य, कला और बौद्धिक क्षेत्र में उनके अद्वितीय व वैश्विक योगदान को देखते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया था। साल 2019 में उन्हें ग्रीस (Greece) में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ‘सुकरात अवॉर्ड’ (Socrates Award) से नवाजा गया था। यह सम्मान मिलना न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण था।
प्रशासनिक और राजनीतिक जगत ने जताया शोक
बीकेएस रे के निधन पर छत्तीसगढ़ के कई पूर्व और वर्तमान नौकरशाहों, राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सहयोगियों का कहना है कि वे कई युवा आईएएस अधिकारियों के मार्गदर्शक (मेंटर) थे। उनका जाना छत्तीसगढ़ के बौद्धिक समाज के लिए एक ऐसा शून्य है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।

