मुंगेली में बनेगा छत्तीसगढ़ का पहला HEMM प्लांट, 79.70 एकड़ जमीन BEML को आवंटित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिपरिषद ने मुंगेली जिले के पथरिया तहसील के ग्राम चंद्रगढ़ी में भारत सरकार के मिनीरत्न उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के भारी मशीनरी निर्माण संयंत्र की स्थापना के लिए 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आवंटित करने का फैसला लिया है।
यह भी पढ़ें – BEML से छत्तीसगढ़ को दो बड़ी सौगात, मुंगेली में बनेगा प्रदेश का पहला HEMM प्लांट
प्रदेश का पहला HEMM प्लांट
ग्राम चंद्रगढ़ी में स्थापित होने वाला यह संयंत्र छत्तीसगढ़ का पहला हैवी अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट (HEMM) प्लांट होगा। यहां खनन और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनों का निर्माण किया जाएगा। इससे प्रदेश में भारी मशीनरी निर्माण के क्षेत्र में नई औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

हजारों लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
BEML के इस संयंत्र से मुंगेली और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। संयंत्र में तकनीकी, उत्पादन और प्रशासन से जुड़े विभिन्न पदों पर रोजगार मिलेगा। इसके अलावा परिवहन, लॉजिस्टिक्स, मशीनरी के पुर्जों, मरम्मत और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार भी विकसित हो सकते हैं।

स्थानीय उद्योगों को भी मिलेगा फायदा
बड़े औद्योगिक संयंत्र की स्थापना से क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मशीन पार्ट्स, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और सर्विसिंग से जुड़े सहायक उद्योगों के विकसित होने से मुंगेली में एक मजबूत औद्योगिक नेटवर्क तैयार हो सकता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी
चंद्रगढ़ी में आवंटित भूमि बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में संयंत्र के लिए परिवहन और लॉजिस्टिक्स की सुविधा बेहतर रहने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजमार्ग से कनेक्टिविटी इस क्षेत्र को औद्योगिक निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बना सकती है।
कौशल विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
BEML संयंत्र के जरिए स्थानीय युवाओं को भारी मशीनरी और आधुनिक तकनीक से जुड़े काम सीखने के अवसर मिलने की संभावना है। इससे क्षेत्र में तकनीकी कौशल विकसित होने के साथ युवाओं की रोजगार क्षमता भी बढ़ सकती है।
मुंगेली में BEML संयंत्र की स्थापना को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना के आकार लेने के साथ क्षेत्र में रोजगार, निवेश और सहायक उद्योगों के विकास की नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।



