यूपी चुनाव 2027 से पहले सियासी घमासान, अखिलेश के 162 सीटों वाले दावे पर NDA का पलटवार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव में अभी समय है, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि भाजपा उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 162 सीटें अपने सहयोगी दलों के लिए छोड़ सकती है। उनके इस दावे पर अपना दल, सुभासपा, आरएलडी और भाजपा ने पलटवार किया है।
यह भी पढ़ें- मुंगेली में बनेगा छत्तीसगढ़ का पहला HEMM प्लांट,
अखिलेश ने बताया 162 सीटों का गणित
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि पीडीए के दबाव में भाजपा अपने सहयोगी दलों के लिए 162 सीटें छोड़ने की तैयारी कर रही है। उनके मुताबिक, आरएलडी को 73, सुभासपा को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल को 19 सीटें दिए जाने की चर्चा है।
अखिलेश ने इसे भाजपा की पीडीए को लेकर चिंता से जोड़ते हुए सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है।
अपना दल ने कहा- जमीन पर काम करने में भरोसा
अखिलेश के दावे पर अपना दल की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी सोशल मीडिया पर बयानबाजी के बजाय जमीन पर जनता के बीच काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एनडीए की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।
ओमप्रकाश राजभर बोले- पहले अपना गठबंधन संभालिए
सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वह अपना इंडी गठबंधन संभाल नहीं पा रहे हैं और एनडीए में सीटों का हिसाब बता रहे हैं।
राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, इसका फैसला भाजपा के साथ बातचीत के जरिए होगा। उन्होंने अखिलेश को सलाह दी कि उन्हें एनडीए की चिंता करने के बजाय अपने गठबंधन, कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे और पार्टी के भीतर की चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए।
भाजपा ने भी साधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के बयान को लेकर कहा कि वह सपा-कांग्रेस गठबंधन की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और इसी वजह से एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर बयान दे रहे हैं। भाजपा ने अखिलेश को सलाह दी कि वह एनडीए की चिंता छोड़कर अपनी पार्टी और गठबंधन की चुनौतियों पर ध्यान दें।
आरएलडी ने भी किया पलटवार
आरएलडी प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने अखिलेश यादव के सीटों से जुड़े दावे को राजनीतिक बयानबाजी बताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन में सीटों का फैसला संबंधित दल आपसी बातचीत से करते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने गठबंधन की चिंता करनी चाहिए, एनडीए की चिंता उनकी पार्टी खुद कर लेगी।
सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर भी चर्चा
इस बीच सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि दोनों दल उत्तर प्रदेश में करीब आधी-आधी सीटों पर चुनाव लड़ने के फॉर्मूले पर सहमति के करीब हैं। हालांकि, सीटों का अंतिम बंटवारा और आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
चुनाव से पहले सीटों का गणित बना सियासी मुद्दा
2027 का विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में गठबंधन की राजनीति ने जोर पकड़ लिया है। अखिलेश यादव ने एनडीए के सहयोगी दलों के संभावित सीट बंटवारे का आंकड़ा सामने रखकर भाजपा के सामाजिक समीकरण पर सवाल उठाने की कोशिश की है। वहीं, भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने पलटवार करते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन की चुनौतियों को मुद्दा बना दिया है।
फिलहाल सीटों का अंतिम गणित तय नहीं हुआ है, लेकिन नेताओं के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने 2027 के चुनावी माहौल को जरूर गरमा दिया है।



