सारा अली खान की शिवभक्ति पर फतवे का विवाद, मौलाना बोले- मंदिर में पूजा करना गुनाह, अल्लाह नहीं करेंगे माफ़

बॉलीवुड। अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने उनके मंदिर जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे इस्लाम के खिलाफ बताते हुए कहा कि मुस्लिम होने के बावजूद दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाकर पूजा करना गलत है। मौलाना ने इसे गुनाह बताते हुए सारा को तौबा करने की सलाह दी है।
मौलाना के इस बयान के बाद धार्मिक आस्था, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कलाकारों की निजी जिंदगी को लेकर बहस शुरू हो गई है। सारा अली खान पहले भी कई बार मंदिरों में दर्शन और धार्मिक यात्राओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करती रही हैं।
25 अक्टूबर को किए थे केदारनाथ के दर्शन
जानकारी के मुताबिक, सारा अली खान 25 अक्टूबर को केदारनाथ धाम पहुंची थीं। यहां उन्होंने मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में वह श्रद्धालुओं की कतार में खड़ी नजर आईं। पूजा के बाद मंदिर के बाहर हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आई थीं।
सारा पिछले करीब चार वर्षों से लगातार केदारनाथ धाम जाती रही हैं। वह कई मौकों पर इस धार्मिक स्थल के प्रति अपना लगाव जाहिर कर चुकी हैं। उनकी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ भी इसी तीर्थस्थल की पृष्ठभूमि पर आधारित थी। साल 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म में उनके साथ दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत नजर आए थे।
मुस्लिम युवाओं के सवाल पर मौलाना ने दिया बयान
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने वीडियो बयान में कहा कि कई मुस्लिम युवाओं ने उनसे सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर जाने और वहां पूजा करने को लेकर सवाल पूछे थे। युवाओं ने जानना चाहा था कि क्या इस्लाम और शरीयत के अनुसार किसी मुस्लिम का दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाकर पूजा करना जायज है।
इस पर मौलाना ने अपनी धार्मिक व्याख्या रखते हुए कहा कि किसी मुस्लिम महिला या पुरुष को दूसरे धर्म की पूजा-पद्धति अपनाने और धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने इसे शरीयत के मुताबिक नाजायज और हराम बताया।
मौलाना के मुताबिक, अगर सारा ने अपनी इच्छा से केदारनाथ जाकर पूजा-अर्चना की है तो उन्हें अल्लाह से माफी मांगनी चाहिए और तौबा करनी चाहिए।
गैर हिंदू श्रद्धालुओं के लिए एफिडेविट का भी मामला
सारा के केदारनाथ दौरे के साथ मंदिर में गैर हिंदू श्रद्धालुओं के प्रवेश से जुड़ा एक दूसरा पहलू भी चर्चा में है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मंदिरों में पूजा करने के इच्छुक गैर हिंदू श्रद्धालुओं के लिए एफिडेविट जमा करने की व्यवस्था लागू की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारा की टीम ने भी उनके दर्शन से पहले जरूरी एफिडेविट जमा कराया था।
सारा अली खान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
मौलाना के बयान के बाद यह मामला मनोरंजन जगत के साथ धार्मिक और सामाजिक चर्चाओं में भी शामिल हो गया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे धार्मिक मान्यताओं का विषय बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर सारा अली खान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि फतवा किसी धार्मिक विद्वान की ओर से इस्लामी कानून या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर दी गई राय अथवा व्याख्या होती है। इसे अदालत का फैसला या सरकारी संस्था की ओर से दी गई कानूनी सजा नहीं माना जाता। फिलहाल सारा के केदारनाथ दर्शन को लेकर मौलाना का बयान चर्चा में है।



