तेल निकालने के लिए डॉल्फिन का शिकार: वीडियो वायरल होने पर वन विभाग एक्टिव, शिकारी फरार

सहरसा। बिहार की कोसी नदी में डॉल्फिन ( Dolphin) के शिकार का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सहरसा के डरहार गांव के पास डॉल्फिन को जाल में फंसाकर नाव से ले जाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक, डरहार थाना क्षेत्र के डरहार गांव के समीप दो कथित शिकारी डॉल्फिन को जाल में फंसाकर नाव से ले जा रहे थे। बताया गया कि डॉल्फिन का शिकार तेल निकालने के उद्देश्य से किया गया था। इसी दौरान स्थानीय व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो ( Dolphin) की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंचने के बाद वनपाल मु. अब्दुल सलाम के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की। इस दौरान कथित शिकारी वीरेंद्र के बारे में जानकारी मिली, लेकिन वह टीम के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुका था।
वन विभाग के अनुसार, छापेमारी की भनक लगने के बाद कथित शिकारी मृत डॉल्फिन को नदी किनारे छोड़कर फरार हो गए। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान टीम को इसके प्रमाण भी मिले। अब वन विभाग आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रहा है।
राष्ट्रीय जलीय जीव है डॉल्फिन
गंगा नदी की डॉल्फिन ( Dolphin) को वर्ष 2009 में भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था। यह नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
डॉल्फिन की मौजूदगी नदी के जलीय पर्यावरण की स्थिति का संकेत भी देती है। इसका शिकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रतिबंधित है। वन विभाग ने कोसी नदी क्षेत्र में डॉल्फिन के संरक्षण और निगरानी को लेकर स्थानीय कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।



