ज्वेलरी शुद्धता जांच को लेकर विवाद: मालाबार ज्वेलर्स के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर

बिलासपुर। शहर के सराफा कारोबार से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सोने के आभूषण की शुद्धता की जांच को लेकर हुए विवाद के बाद तारबाहर थाना पुलिस ने मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के मैनेजर, कैरेटोमीटर ऑपरेटर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर (Malabar Jewelers ) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, एक ग्राहक सराफा कारोबारी के प्रतिष्ठान से खरीदा गया 22 कैरेट और एचयूआईडी युक्त सोने का कड़ा एक्सचेंज कराने के लिए मालाबार ज्वेलर्स पहुंचा था। आरोप है कि वहां मशीन से जांच के दौरान कड़े को 20 कैरेट बताया गया। साथ ही कर्मचारियों ने यह भी कहा कि आभूषण पर एचयूआईडी अंकित नहीं है।
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22 कैरेट का कडा 20 कैरेट का बताया
ग्राहक ने इस संबंध में सराफा कारोबारी से संपर्क किया। इसके बाद कारोबारी स्वयं (Malabar Jewelers ) ग्राहक के साथ मालाबार ज्वेलर्स पहुंचा और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। शिकायत के अनुसार, कर्मचारियों ने दो से तीन बार जांच करने के बाद भी कड़े को 20 कैरेट ही बताया।
कारोबारी का दावा है कि संबंधित कड़ा उसके प्रतिष्ठान से खरीदा गया था और वह 22 कैरेट के साथ एचयूआईडी प्रमाणित था। इसके बाद दोबारा जांच कराने की मांग की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मशीन की प्रक्रिया या सेटिंग में बदलाव करने के बाद फिर से जांच की गई, जिसमें उसी कड़े को 916 यानी 22 कैरेट और एचयूआईडी युक्त बताया गया।
अलग-अलग परिणाम आने से नुकसान
शिकायतकर्ता का कहना है कि एक ही आभूषण (Malabar Jewelers ) की जांच में अलग-अलग परिणाम आने से ग्राहकों और सराफा कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने पुलिस से मशीन की जांच रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और पूरी प्रक्रिया की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
तारबाहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी दस्तावेजों और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।



