NEET विवाद : CJP से आज फिर होगी सरकार की वार्ता, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अब भी पेंच

दिल्ली। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और सीजेपी (CJP) के बीच जारी बातचीत अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
शुक्रवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में करीब दो घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही। हालांकि सरकार ने आंदोलनकारियों की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अब भी सहमति नहीं बन सकी। अब शनिवार को दोनों पक्षों के बीच एक और दौर की बातचीत होगी।
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह बैठक में शामिल हुए, जबकि सीजेपी का प्रतिनिधित्व प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने किया। बैठक (NEET) के बाद जेपी नड्डा ने कहा कि परीक्षा सुधारों और युवाओं की मांगों पर सकारात्मक माहौल में विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दौर की वार्ता में समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
कैबिनेट ने संशोधन को मंजूरी दी
इस बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित तरीकों की रोकथाम) अधिनियम में संशोधन के मसौदे को मंजूरी दे दी है।
नए प्रावधानों (NEET) के तहत पेपर लीक के मामलों में न्यूनतम सजा पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष की कैद के साथ 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन और मामलों का तीन महीने के भीतर निपटारा करने की तैयारी है।
47 अधिकारी हटाए गए
सरकार ने एनटीए में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया गया है।
वहीं राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर एजेंसी के पुनर्गठन और नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब सभी की नजर शनिवार की वार्ता पर है, जहां आंदोलन और सरकार के बीच जारी गतिरोध टूटने की उम्मीद जताई जा रही है।

