CJP संसद मार्च हिंसा मामले में पुलिस का शिकंजा, दंगा और हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज

संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (पीडीपीपी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक इस मामले में चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि दो अन्य एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। दर्ज एफआईआर में दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, लोक सेवक पर हमला, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध करने सहित कई गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। आर्म्स एक्ट की धारा 25(1AB) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित पीडीपीपी एक्ट की धारा 3 भी लगाई गई है।
पुलिस का कहना है कि संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने और कथित हिंसा की साजिश रचने से जुड़े मामलों में भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बताया गया है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के जवान घायल हुए, जबकि करीब 60 प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और अन्य आवश्यक कदम उठाए। मामले की जांच जारी है।

