वक्फ बोर्ड के फरमान पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज, अरुण साव ने किया स्वागत, टीएस सिंहदेव ने उठाई समान नियमों की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड द्वारा मोहर्रम, उर्स और अन्य इस्लामी धार्मिक आयोजनों में डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, आतिशबाजी और गैर-शरई गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वक्फ बोर्ड के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बोर्ड नियमों और प्रक्रियाओं के तहत काम कर रहा है और समाज में सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि यदि इस तरह के नियम बनाए जाते हैं, तो उन्हें सभी धर्मों और धार्मिक आयोजनों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वागत समारोहों में भी पटाखे और बैंड-बाजा बजते हैं, इसलिए इस पर व्यापक स्तर पर विचार होना चाहिए।
क्या है वक्फ बोर्ड का आदेश?
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मोहर्रम, उर्स और अन्य धार्मिक कार्यक्रम कुरआन, हदीस और शरीयत के अनुसार आयोजित किए जाएं। ताजिया, उर्स और दरगाह समितियों को निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित समितियों और पदाधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
पीएम आवास योजना को लेकर भी बयानबाजी
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कहा कि सिंहदेव ने अपनी ही सरकार के खिलाफ पत्र लिखकर मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने 18 लाख गरीबों को आवास से वंचित किया, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवास बनाकर लोगों को पक्के घर उपलब्ध कराए हैं।
शराब की कीमतों में गड़बड़ी पर कांग्रेस को घेरा
शराब की कीमतों में अनियमितता को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में घोटालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती थी, जबकि वर्तमान सरकार शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई करती है। उन्होंने इसे “विष्णु का सुशासन” बताया।
आदिवासी बैठक पर भी साधा निशाना
कांग्रेस द्वारा आदिवासी वर्ग की बैठक बुलाने पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए सभी वर्गों के साथ अन्याय करती है और सत्ता से बाहर होने के बाद उन्हें जनता की याद आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता ने कांग्रेस को कई अवसर दिए, लेकिन हर बार पार्टी ने लोगों का भरोसा तोड़ा।

