प्रदीप मिश्रा के बयान पर कांग्रेस नेता अजय साहू की विवादित टिप्पणी, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

रायपुर: मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिया गया एक कथित बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वायरल वीडियो में प्रदीप मिश्रा अमित शाह को “कलयुग में शंकर का अवतार” बताते नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो को छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता अजय साहू ने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया और कथावाचक पर तीखा हमला बोला।
अजय साहू की पोस्ट सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर सोशल मीडिया विवाद में बदल गया है। कांग्रेस नेता ने प्रदीप मिश्रा के बयान पर सवाल उठाते हुए कथावाचकों और सनातन धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों पर निशाना साधा। उनकी पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर भी अब विवाद खड़ा हो गया है।
अमित शाह को शंकर का अवतार बताने वाला वीडियो वायरल
दरअसल, सोशल मीडिया पर पंडित प्रदीप मिश्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तुलना भगवान शंकर से करते हुए नजर आ रहे हैं। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोग इसे प्रदीप मिश्रा की आस्था और व्यक्तिगत विचार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग किसी राजनीतिक व्यक्ति की तुलना धार्मिक देवी-देवता से किए जाने पर सवाल उठा रहे हैं।
इसी बीच कांग्रेस नेता अजय साहू ने इस वीडियो को अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
अजय साहू ने पोस्ट में क्या लिखा?
वीडियो शेयर करते हुए अजय साहू ने कथावाचक और सनातन धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा- “सुनिए, सनातन के ठेकेदारों भावनाएं आहत हुई कि नहीं?”
इसके साथ ही उन्होंने कथावाचकों पर राजनीतिक दल के प्रचारक के तौर पर काम करने का आरोप लगाया। अजय साहू ने अपनी पोस्ट में लोगों को ऐसे कथित ढोंगियों से सावधान रहने की अपील भी की।
हालांकि, पोस्ट में इस्तेमाल किए गए कुछ आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाले शब्दों को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है। इसी भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता की आलोचना भी हो रही है।
बयान पर पलटवार या आपत्तिजनक भाषा? सोशल मीडिया पर बहस
अजय साहू की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कांग्रेस समर्थक इसे प्रदीप मिश्रा के बयान के खिलाफ राजनीतिक प्रतिक्रिया बता रहे हैं। वहीं, विरोधी पक्ष का कहना है कि किसी बयान का विरोध करने के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि इसमें एक तरफ चर्चित कथावाचक का बयान है और दूसरी तरफ एक राजनीतिक दल से जुड़े नेता की तीखी प्रतिक्रिया।
धार्मिक मुद्दों और राजनीतिक बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर पहले भी कई बार विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में भी पोस्ट और वीडियो के बाद बहस तेज हो गई है।
वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ पर भी सवाल
हालांकि, इस पूरे मामले में एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के पूरे संदर्भ, तारीख और मूल स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
वायरल वीडियो में प्रदीप मिश्रा का बयान किस कार्यक्रम में और किस संदर्भ में दिया गया था, यह स्पष्ट होना जरूरी है। इसी तरह कांग्रेस नेता की सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट या वायरल अंश की प्रामाणिकता की भी पुष्टि आवश्यक है।
धार्मिक बयान पर सियासत, अब बढ़ सकता है विवाद
पंडित प्रदीप मिश्रा देश के चर्चित कथावाचकों में शामिल हैं और उनके बयानों पर सोशल मीडिया पर अक्सर बहस होती रहती है। दूसरी ओर अजय साहू कांग्रेस से जुड़े नेता हैं। ऐसे में अमित शाह को लेकर कथावाचक के कथित बयान और उसके जवाब में कांग्रेस नेता की टिप्पणी ने राजनीतिक रंग ले लिया है।
अब देखना होगा कि इस विवाद पर बीजेपी या कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं। फिलहाल सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने तर्कों के साथ आमने-सामने हैं।
एक तरफ अमित शाह को भगवान शंकर का अवतार बताने वाला कथित बयान, दूसरी तरफ उस पर कांग्रेस नेता की विवादित टिप्पणी दोनों ने मिलकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।



