पुणे में 22 अगस्त को राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, सिर्फ छात्राओं से करेंगे संवाद

नई दिल्ली। पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों के साथ संवाद कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब पुणे में छात्राओं से बातचीत करेंगे। कोटा, देहरादून और प्रयागराज के बाद ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का अगला कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। इस बार कार्यक्रम की खास बात यह होगी कि इसमें सिर्फ छात्राओं को आमंत्रित किया गया है।
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से देश के अलग-अलग शहरों में छात्रों और युवाओं के साथ संवाद कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों में शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। पुणे में होने वाला कार्यक्रम मुख्य रूप से छात्राओं की समस्याओं और उनके अधिकारों पर केंद्रित रहेगा।
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छात्राओं के मुद्दों पर होगी चर्चा
कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी युवा छात्राओं से सीधे संवाद करेंगे और उच्च शिक्षा से लेकर रोजगार तक उनके सामने आने वाली चुनौतियों को समझने की कोशिश करेंगे। इसमें महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सुरक्षा, अवसर, भेदभाव और छात्राओं के ड्रॉपआउट जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
कांग्रेस का कहना है कि उच्च शिक्षा के स्तर तक पहुंचते-पहुंचते बड़ी संख्या में छात्राएं पढ़ाई छोड़ देती हैं। ऐसे में इसके कारणों और छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाएगा।
महिला सुरक्षा का मुद्दा भी अहम
पुणे के कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। कांग्रेस का आरोप है कि देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से देखने की जरूरत है।
पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए युवा महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी चिंताओं को सामने लाना चाहती है। कांग्रेस नेता उदय भानु चिब ने कहा है कि राहुल गांधी लंबे समय से महिला सशक्तिकरण के पक्ष में आवाज उठाते रहे हैं और पुणे का कार्यक्रम भी इसी अभियान का हिस्सा है।
महिला आरक्षण और बराबरी पर भी फोकस
कार्यक्रम में महिला आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा भी चर्चा में रह सकता है। कांग्रेस छात्राओं के बीच यह सवाल उठाने की तैयारी में है कि महिलाओं को शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में बराबर अवसर कैसे मिलें।
राहुल गांधी ने भी कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा है कि देश की लड़कियों को बराबरी, सुरक्षा, अवसर और अपनी बात कहने की आजादी मिलनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लड़कियों को असुरक्षा और भेदभाव का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
Gen Z से सीधा संवाद बनाने की कोशिश
पुणे का कार्यक्रम कांग्रेस की युवा और खासकर Gen Z तक पहुंच बनाने की रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी चाहती है कि युवा छात्राएं अपनी समस्याओं और विचारों को सीधे राहुल गांधी के सामने रखें।
कार्यक्रम के प्रचार में भी महिला-केंद्रित थीम को प्राथमिकता दी जा रही है। कांग्रेस इसे केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि छात्राओं की आवाज सुनने और उनके मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाने की पहल के रूप में पेश कर रही है।
कुल मिलाकर, 22 अगस्त को पुणे में होने वाला ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, महिला अधिकार और बराबरी जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। राहुल गांधी के छात्राओं के साथ इस सीधे संवाद को आगामी राजनीतिक रणनीति और युवा वोटरों तक कांग्रेस की पहुंच के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



