रिलायंस में भारी निवेश का दौर खत्म, अब शुरू हो सकती है कमाई की नई उड़ान

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भारी निवेश के दौर से निकलकर कमाई बढ़ाने के नए चरण में प्रवेश करती दिख रही है। ब्रोकरेज रिपोर्टों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी करीब 90,000 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो (बचा हुआ नकद) पैदा कर सकती है। इससे कंपनी पर कर्ज का दबाव कम होगा और भविष्य में मुनाफा बढ़ने की संभावना मजबूत हो सकती है।
पिछले कुछ वर्षों में रिलायंस ने 5G नेटवर्क, रिटेल कारोबार और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश किया था। अब इन परियोजनाओं का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, जिससे कंपनी की नकदी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
हाल ही में जारी पहली तिमाही के नतीजों में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान एबिटडा (EBITDA) और शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) दोनों में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कारोबार में सुधार के संकेत मिले हैं।
ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में रिलायंस की कमाई को चार बड़े कारोबार सहारा देंगे। इनमें पारंपरिक ऊर्जा कारोबार, जियो, रिलायंस रिटेल और एआई व ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं। खासकर जियो के संभावित आईपीओ और मोबाइल सेवाओं से बढ़ती कमाई को कंपनी के लिए बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि रिटेल और क्विक कॉमर्स में बढ़ता खर्च, नए क्षेत्रों में जारी निवेश और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कंपनी की योजनाएं तय दिशा में आगे बढ़ती हैं तो आने वाले वर्षों में रिलायंस अपने कारोबार और कमाई दोनों में नई तेजी दर्ज कर सकती है।

