दुर्ग में RTE की तीसरी लॉटरी, 156 बच्चों को मिला स्कूल; अब भी 384 सीटें खाली

दुर्ग। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत सत्र 2026-27 के लिए तीसरे और अंतिम चरण की लॉटरी प्रक्रिया गुरुवार को पूरी की गई। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लॉटरी निकाली गई। इस चरण में 156 बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए सीट आवंटित की गई है। हालांकि, तीसरी लॉटरी के बाद भी RTE की 384 सीटें खाली रह गई हैं।
इस चरण की लॉटरी में कुल 840 आवेदक शामिल हुए। इनमें 156 नए आवेदक थे, जबकि 684 आवेदक पहले से प्रतीक्षा सूची में शामिल थे। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, RTE कक्ष प्रभारी राजदीप और विपिन मौजूद रहे।
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17 से 27 अगस्त तक मिलेगा प्रवेश
लॉटरी के बाद चयनित बच्चों के प्रवेश के लिए 17 अगस्त से 27 अगस्त तक की तारीख निर्धारित की गई है। ऑनलाइन RTE पोर्टल के माध्यम से निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत यह प्रक्रिया पूरी की गई।
जिले में 1581 सीटें थीं निर्धारित
दुर्ग जिले के निजी स्कूलों में RTE के तहत प्रारंभिक कक्षाओं में प्रवेश के लिए कुल 1581 सीटें निर्धारित की गई थीं। पहले चरण की लॉटरी में 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए थे। इनमें से 946 बच्चों ने ही प्रवेश लिया। इसके बाद खाली सीटों और ड्रॉपआउट बच्चों को मिलाकर दूसरे चरण के लिए 635 सीटें उपलब्ध हुईं।
दूसरे चरण की लॉटरी में 150 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए। इसके बावजूद 540 सीटें खाली रह गईं। इन्हीं सीटों को भरने के लिए तीसरे और अंतिम चरण की लॉटरी आयोजित की गई।
तीसरे चरण में 156 बच्चों को सीट आवंटित होने के बाद अब भी 384 सीटें रिक्त हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद इन सीटों के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पूरी तरह भरने की संभावना नहीं है।



