52 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा में बिक सकती है STT GDC इंडिया, KKR-सिंगटेल और टाटा ने शुरू की बिक्री की तैयारी

भारत के डेटा सेंटर सेक्टर की बड़ी कंपनियों में शामिल STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (STT GDC India) बिकने की तैयारी में है। कंपनी के प्रमुख शेयरहोल्डर्स KKR, सिंगटेल और टाटा कम्युनिकेशंस ने इसके भारतीय कारोबार की बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सौदे की वैल्यू 5.5 बिलियन डॉलर यानी 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। यह भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र के सबसे बड़े सौदों में से एक होगा।
कंपनी के पास देश के 10 शहरों में कुल 34 डेटा सेंटर हैं। इनकी कुल क्षमता 613 मेगावाट बताई गई है। भारत में डेटा सेंटर कारोबार की बढ़ती मांग के बीच इस बिक्री पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की नजर रहने की संभावना है।
बिक्री के लिए नियुक्त किए गए एडवाइजर्स
इस संभावित सौदे के लिए शेयरहोल्डर्स ने एडवाइजर्स नियुक्त किए हैं। ये एडवाइजर्स भारत में पहले से कारोबार कर रही या यहां निवेश की योजना बना रही वैश्विक कंपनियों, बड़े भारतीय कारोबारी समूहों, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों से संपर्क करेंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेयरहोल्डर्स ने जुलाई के आसपास कंपनी के भारतीय कारोबार को 6 से 7 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर आईपीओ के जरिए बाजार में उतारने की संभावना भी तलाशी थी। हालांकि, अब सीधे बिक्री का विकल्प आगे बढ़ाया जा रहा है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डेटा सेंटर कंपनियों का मूल्यांकन आमतौर पर उनके कॉन्ट्रैक्टेड EBITDA के 18 से 20 गुना तक किया जा रहा है।
2016 में टाटा के साथ शुरू हुई थी साझेदारी
STT GDC इंडिया का गठन टाटा कम्युनिकेशंस और STT टेलीमीडिया के बीच साझेदारी से हुआ था। साल 2016 में सिंगापुर की कंपनी STT ने टाटा कम्युनिकेशंस के भारतीय डेटा सेंटर कारोबार में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी, जबकि टाटा ने 26 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने पास रखी थी। उस समय इस कारोबार की वैल्यू करीब 3,140 करोड़ रुपये थी। शुरुआती सौदे में 14 डेटा सेंटर शामिल थे।
वर्तमान में STT GDC इंडिया में STT टेलीमीडिया की 74 प्रतिशत और टाटा कम्युनिकेशंस की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, मूल कंपनी STT GDC में KKR की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है, जबकि बाकी हिस्सेदारी सिंगटेल के पास है।
टाटा समूह अब TPG और अपनी प्रमुख कंपनी TCS के साथ मिलकर डेटा सेंटर कारोबार के लिए अलग प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। टाटा कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान अपनी 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए कंपनी में 319.4 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश भी किया था।
कंपनी के कारोबार और कमाई में बढ़ोतरी
STT GDC इंडिया के कुल रेवेन्यू का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा हाइपरस्केलर्स से आता है। इन ग्राहकों के साथ आमतौर पर 7 से 15 साल के अनुबंध होते हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 6,000 से 6,100 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का अनुमान जताया था। इसे कर्ज, आंतरिक कमाई या इक्विटी के जरिए पूरा करने की योजना थी।
टाटा कम्युनिकेशंस की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में STT के भारतीय कारोबार का ऑपरेशनल रेवेन्यू 17.8 प्रतिशत बढ़कर 2,747.5 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 2,331.8 करोड़ रुपये था। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 22.9 प्रतिशत घटकर 126 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 163.5 करोड़ रुपये था।
इस दौरान कंपनी की नेट एसेट्स 30.7 प्रतिशत बढ़कर 5,760.5 करोड़ रुपये हो गईं। कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता 2025 के अंत से करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 780 मेगावाट पहुंच गई है, जबकि कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता में 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके शीर्ष 10 ग्राहक कंपनी के कुल रेवेन्यू में लगभग 76 प्रतिशत योगदान देते हैं।
भारत में वैश्विक डेटा का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा तैयार होता है, लेकिन दुनिया की कुल डेटा सेंटर क्षमता में देश की हिस्सेदारी लगभग 3 प्रतिशत है। ऐसे में डेटा सेंटर कारोबार में निवेश और विस्तार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।



