गोकुल डेयरी चुनाव में 13-12 के गणित पर घमासान, राहुल गांधी और फडणवीस आमने-सामने

13 सीटें जीतकर भी कांग्रेस समर्थित पैनल क्यों अटका?
कोल्हापुर की गोकुल डेयरी के संचालक मंडल में कुल 25 सदस्य हैं। हाल ही में हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थित सतेज पाटील के पैनल को 13 सीटों पर जीत मिली, जबकि महायुति समर्थित पैनल 12 सीटें ही जीत सका। इस नतीजे के बाद कांग्रेस समर्थित पैनल के पास एक सीट का बहुमत था।
लेकिन चेयरमैन का चुनाव कराने के लिए संचालक मंडल की बैठक में कम से कम 14 सदस्यों की मौजूदगी जरूरी थी। महायुति के 12 सदस्य बैठक में शामिल नहीं हुए और कांग्रेस समर्थित पैनल के 13 सदस्य ही पहुंचे। ऐसे में जरूरी संख्या पूरी नहीं हो सकी और बैठक रद्द करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, इससे पहले भी दो बार बैठक रद्द हो चुकी थी। अगर तीसरी बार भी बैठक नहीं हो पाती, तो चुनाव प्रक्रिया रद्द होने की स्थिति बन सकती थी। इसी वजह से सरकार ने सहकारी संस्थाओं को लेकर नया फैसला लिया।
सरकार के पांच नामित सदस्यों वाले फैसले से क्यों बढ़ा विवाद?
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 500 करोड़ रुपये से अधिक सालाना कारोबार करने वाली सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडल में पांच सरकारी नामित सदस्य रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस व्यवस्था के तहत चार सदस्यों को मतदान का अधिकार देने का प्रावधान है, जबकि पांचवां सदस्य सरकारी अधिकारी होगा और उसे वोट देने का अधिकार नहीं होगा।
इस फैसले का असर गोकुल डेयरी के चुनावी समीकरण पर भी पड़ सकता है। फिलहाल संचालक मंडल में कांग्रेस समर्थित पैनल के पास 13 और महायुति के पास 12 सदस्य हैं। अगर चार मतदान अधिकार वाले सरकारी नामित सदस्य शामिल होते हैं, तो मौजूदा 13-12 का गणित बदल सकता है।
हालांकि, यह फैसला अभी कानूनी और औपचारिक प्रक्रिया से गुजरना बाकी है। प्रस्ताव पर राज्यपाल की मंजूरी और उसके बाद अधिसूचना जारी होने के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया जनादेश बदलने का आरोप
सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बहुमत नहीं मिलने के बाद सरकार नियमों में बदलाव करके चार नए निदेशक शामिल करना चाहती है। इससे महायुति का आंकड़ा 12 से बढ़कर 16 हो सकता है और बहुमत का समीकरण बदल सकता है।
राहुल गांधी ने इसे दूध उत्पादकों के वोट और उनके लोकतांत्रिक फैसले के साथ खिलवाड़ बताया। उनका कहना है कि जब चुनाव में मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है, तो उसके बाद नियमों में बदलाव करके नतीजे को प्रभावित करने की कोशिश क्यों की जा रही है?
इस बयान के बाद गोकुल डेयरी का विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में और ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है।
फडणवीस का पलटवार, बोले- यह राष्ट्रीय मुद्दा नहीं
राहुल गांधी के आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जवाब दिया। नागपुर में उन्होंने कहा कि गोकुल डेयरी में करीब 4,500 मतदाता हैं और राहुल गांधी दिल्ली में बैठकर इस मामले पर ट्वीट कर रहे हैं।
फडणवीस ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इस संबंध में एडवोकेट जनरल की राय लेने के बाद ही निर्णय किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है, लेकिन राहुल गांधी इसमें भी दखल दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब यह मामला केवल डेयरी के चेयरमैन चुनाव तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि महाराष्ट्र की सियासत में भी अहम मुद्दा बन गया है।
10 नवंबर की बैठक पर टिकी निगाहें
गोकुल डेयरी के चेयरमैन चुनाव को लेकर राजनीतिक विवाद के साथ कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है। इस बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 नवंबर को चेयरमैन चुनाव के लिए बैठक बुलाने का निर्देश दिया है।
अब सबकी नजरें इस बैठक पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या 13 सदस्यों के समर्थन वाला कांग्रेस समर्थित पैनल चेयरमैन चुन पाएगा या सरकार के नए फैसले से चुनावी समीकरण बदल जाएगा? फिलहाल 13-12 की लड़ाई ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया घमासान खड़ा कर दिया है।



