बीजिंग विमान हादसे के बाद सोशल मीडिया से गायब हुए वीडियो, चीन की सेंसरशिप पर उठे सवाल

चीन की राजधानी बीजिंग में एक छोटा सिंगल-इंजन विमान 528 मीटर ऊंची इमारत से टकरा गया। हादसे में पायलट की मौत हो गई, जबकि इमारत में मौजूद 13 लोग घायल हो गए। टक्कर से इमारत के बाहरी हिस्से के दो बड़े शीशे टूट गए और दीवार में बड़ा छेद हो गया।
हादसे के कुछ ही मिनटों बाद सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो, तस्वीरें और चश्मदीदों के पोस्ट तेजी से हटाए जाने लगे। इसके बाद चीन की सेंसरशिप और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की इंटरनेट निगरानी एजेंसी ने हादसे से जुड़े कई कीवर्ड ब्लॉक कर दिए। साथ ही, जिन लोगों ने वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कीं, उनके पोस्ट हटाए गए या अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई। फिलहाल घटना से जुड़ी जानकारी मुख्य रूप से सरकारी मीडिया के जरिए ही सामने आ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विमान हादसों की तस्वीरें और शुरुआती जानकारी जांच में मददगार साबित होती हैं। इससे हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सबूत मिलते हैं।
हालांकि, चीन का कहना है कि ऐसी घटनाओं से जुड़ी जानकारी को नियंत्रित करने का मकसद अफवाहों और घबराहट को रोकना होता है। वहीं आलोचकों का मानना है कि इससे जांच की पारदर्शिता और लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब चीन में किसी बड़े हादसे के बाद जानकारी सीमित किए जाने पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी कई दुर्घटनाओं के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट हटाने और जानकारी सार्वजनिक करने में देरी को लेकर बहस होती रही है।

