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Chhattisgarh

राजनांदगांव में बिजली विभाग पर स्टाफ का संकट,

669 में से 490 पद खाली, आधे कर्मचारियों के भरोसे चल रही व्यवस्था

राजनांदगांव-छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था गंभीर कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है। जिले में लाखों उपभोक्ताओं तक निर्बाध बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाल रही विद्युत वितरण कंपनी के पास स्वीकृत पदों के मुकाबले आधे से भी कम मैदानी कर्मचारी कार्यरत हैं। स्थिति यह है कि 669 स्वीकृत पदों में से करीब 490 पद खाली पड़े हैं, जबकि महज 179 नियमित कर्मचारी पूरे जिले के बिजली नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं।

इसका असर अब उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में बिना आंधी-तूफान या भारी बारिश के भी कई इलाकों में बार-बार बिजली ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

669 स्वीकृत पद, लेकिन सिर्फ 179 नियमित कर्मचारी

विभागीय जानकारी के अनुसार लाइन सुपरवाइजर, लाइन इंस्पेक्टर, लाइनमैन, सहायक लाइनमैन, हेल्पर और अन्य तकनीकी कर्मचारियों सहित कुल 669 पद स्वीकृत हैं। इनमें से लगभग 490 पद वर्षों से रिक्त हैं।

इन परिस्थितियों में केवल 179 नियमित मैदानी कर्मचारियों के भरोसे पूरे जिले की बिजली व्यवस्था संचालित की जा रही है। सीमित स्टाफ होने के कारण फाल्ट सुधार, लाइन मेंटेनेंस और ट्रांसफार्मर मरम्मत जैसे कार्यों में अतिरिक्त समय लग रहा है।

संविदा कर्मचारियों की भी भारी कमी

नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा कर्मचारियों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। विभाग में 140 संविदा पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 82 कर्मचारी ही कार्यरत हैं।

इस वजह से नियमित और संविदा दोनों स्तरों पर कर्मचारियों की कमी बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी स्टाफ की कमी का सीधा असर बिजली आपूर्ति और शिकायतों के त्वरित समाधान पर पड़ रहा है।

बढ़ते नेटवर्क के साथ बढ़ी जिम्मेदारी

राजनांदगांव जिले में लगातार नए बिजली कनेक्शन, स्मार्ट मीटर और बिजली नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही विभाग की जिम्मेदारियां भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते रिक्त पदों पर भर्ती नहीं की गई तो भविष्य में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और अधिक कठिन हो सकता है। पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति से ही उपभोक्ताओं को बेहतर, तेज और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

शिकायतें बढ़ने पर बढ़ जाता है कर्मचारियों पर दबाव

गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली संबंधी शिकायतों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय सीमित कर्मचारियों को कई जगहों पर एक साथ फाल्ट सुधारने और बिजली बहाल करने का काम करना पड़ता है।

इसी कारण कई बार मरम्मत कार्य में देरी होती है और उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। हाल ही में लगातार ट्रिपिंग और बिजली बाधित होने से नाराज लोगों ने महामाया चौक पर चक्काजाम कर अपना विरोध भी दर्ज कराया था।

बारिश में ट्रिपिंग सामान्य, लेकिन सुधार जारी

राजनांदगांव डिवीजन के कार्यपालन अभियंता (ईई) कौशलेंद्र पांडेय ने बताया कि बारिश के मौसम में कुछ तकनीकी कारणों से ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। हालांकि जिले में कहीं भी लंबे समय तक बिजली गुल नहीं है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी जरूर है, लेकिन उपलब्ध स्टाफ के माध्यम से सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है।

जल्द भर्ती की उठ रही मांग

बिजली उपभोक्ताओं और विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते बिजली नेटवर्क और उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जानी चाहिए। पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति से बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी, फाल्ट सुधार में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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